डीएम ने राजस्व बढ़ाने और अवैध शराब रोकने के निर्देश
हरिद्वार, 25 अप्रैल 2026। जनपद में राजस्व बढ़ाने और शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में वन विभाग, आबकारी, परिवहन, रोडवेज, राज्य कर, खनन, विद्युत, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, पर्यटन और सिंचाई विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार करे, जिससे वर्ष 2026 के लिए राजस्व प्राप्ति में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों में चल रही योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते रहें।
बैठक में विशेष रूप से आबकारी विभाग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद में अवैध और कच्ची शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए पुलिस और राजस्व विभाग के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा परिवहन विभाग को सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित चालान किया जाए और लोगों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए विभाग को और अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
खनन विभाग को भी अवैध खनन पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कहीं भी अवैध खनन की गतिविधि सामने आती है, तो तुरंत छापेमारी कर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए योजनाओं का सही तरीके से लागू होना बेहद जरूरी है।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की कार्ययोजनाओं के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करेंगे।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा, रुड़की से एआरटीओ जितेंद्र चंद, जिला आबकारी अधिकारी कैलाश बिंजोला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनपद के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। इसलिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
अंततः, यह बैठक हरिद्वार प्रशासन के उस संकल्प को दर्शाती है, जिसके तहत जिले में राजस्व बढ़ाने, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में जनपद के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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