हरिद्वार: जनगणना कार्य में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, दिए सख्त निर्देश
हरिद्वार, 14 अप्रैल 2026। हरिद्वार में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जनगणना कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस महत्वपूर्ण कार्य को शीर्ष प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने देर रात जिला आपदा कंट्रोल रूम में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जनगणना कार्यों की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। समीक्षा में पाया गया कि जनगणना से जुड़े कई कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और चार्ज अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) से संबंधित सभी कार्यों को 18 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसके साथ ही जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को 25 अप्रैल से 05 मई 2026 के बीच अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ संपन्न करें।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एग्रीस्टैक (AgriStack) के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों की भी समीक्षा की। इनमें आधार सीडिंग, डीसीएस और किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि इन कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से तेजी से पूरा किया जाए, ताकि शासन की प्राथमिकताओं को समय पर लागू किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने, नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाने चाहिए, जिससे जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर लंबित राजस्व वादों के निस्तारण को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रशासनिक कार्यों में देरी और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को चेताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और समय-सीमा का सख्ती से पालन करें।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, उपजिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र नेगी, उपजिलाधिकारी लक्सर सौरभ असवाल सहित नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह बैठक प्रशासन के लिए एक सख्त संदेश के रूप में सामने आई है कि जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि संबंधित अधिकारी तेजी से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों को पूरा करेंगे। इस कदम से न केवल जनगणना कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी सुधार देखने को मिलेगा।
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