हरिद्वार तहसील दिवस 2026-27 रोस्टर जारी, हर माह दो बार होगी सुनवाई
हरिद्वार, 05 अप्रैल 2026।
जनपद वासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने वर्ष 2026-27 के लिए “तहसील दिवस” का विस्तृत रोस्टर जारी कर दिया है। शासन की मंशा के अनुरूप यह पहल आमजन को राहत देने और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जनपद की सभी तहसीलों—हरिद्वार, रुड़की, लक्सर एवं भगवानपुर—में एक साथ तहसील दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम संबंधित तहसील मुख्यालयों पर प्रातः 10:00 बजे से अपरान्ह 1:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें आमजन अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला या मंडल मुख्यालय तक बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके बजाय अधिकारी स्वयं तहसील स्तर पर पहुंचकर मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आमजन को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
तहसील दिवस के दौरान संबंधित उप जिलाधिकारी (SDM) की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान एक ही मंच पर किया जा सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि तहसील दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
विशेष बात यह है कि जिलाधिकारी स्वयं भी तहसील दिवस की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगे। वे रैंडम आधार पर किसी भी तहसील में पहुंचकर कार्यक्रम का निरीक्षण कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर स्वयं इसकी अध्यक्षता भी कर सकते हैं। इससे अधिकारियों में जिम्मेदारी का भाव और अधिक बढ़ेगा तथा कार्यों में गंभीरता आएगी।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित तिथियों पर अपने नजदीकी तहसील मुख्यालय में उपस्थित होकर इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है और इसके लिए यह पहल बेहद कारगर साबित होगी।
जारी रोस्टर के अनुसार तहसील दिवस का आयोजन 07 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 16 मार्च 2027 तक किया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को नियमित रूप से यह कार्यक्रम आयोजित होगा। अप्रैल 2026 में 07 और 21 तारीख, मई में 05 और 19, जून में 02 और 16, जुलाई में 07 और 21, अगस्त में 04 और 18, सितंबर में 01 और 15, अक्टूबर में 06 और 20, नवंबर में 03 और 17, दिसंबर में 01 और 15, जनवरी 2027 में 05 और 19, फरवरी में 02 और 16 तथा मार्च में 02 और 16 तारीख को तहसील दिवस आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासन की इस पहल को आमजन के लिए राहतकारी माना जा रहा है। इससे न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद भी बेहतर होगा। यह व्यवस्था शासन की उस सोच को भी दर्शाती है, जिसमें प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, तहसील दिवस का यह रोस्टर जनपद हरिद्वार में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें–लक्सर कोतवाली में रक्तदान शिविर, पुलिस और पत्रकारों ने बढ़ाया सहयोग…
