हरिद्वार में 20 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी मथुरा से गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
हरिद्वार। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हरिद्वार पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को जनपद में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह मामला दिनांक 12 जून 2025 का है, जब शिवलोक कॉलोनी, रानीपुर निवासी गजेन्द्र सिंह नेगी ने कोतवाली नगर थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि संजीत कुमार नामक व्यक्ति ने उनसे बिजनेस में निवेश के नाम पर ₹20 लाख की बड़ी रकम ली थी। आरोपी ने पैसे लेने के बाद न तो कोई व्यवसाय शुरू किया और न ही रकम वापस की। इसके बाद वह लगातार संपर्क से बाहर हो गया।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0-396/2025 के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया। मामले की जांच उप निरीक्षक हाकम सिंह तोमर को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा इस केस को प्राथमिकता में रखा गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए डिजिटल सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया, जिससे आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा सके।
लगातार प्रयासों और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 29 मार्च 2026 को थाना बरसाना क्षेत्र से आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजीत कुमार (उम्र लगभग 50 वर्ष), पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम नारनौंद, थाना नारनौंद, जिला हिसार (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खुद को एक भरोसेमंद व्यवसायी बताकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। उसने बिजनेस में अच्छा मुनाफा दिलाने का लालच देकर ₹20 लाख की बड़ी रकम हासिल की। शुरुआत में आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए कुछ समय तक संपर्क बनाए रखा, लेकिन बाद में अचानक गायब हो गया।
इस तरह की ठगी के मामलों में अक्सर आरोपी लोगों की आर्थिक जरूरतों और लालच का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बनाते हैं। हरिद्वार पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी।
इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि हरिद्वार पुलिस अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी तरह अमल कर रही है। तकनीक और सतर्कता के बल पर पुलिस अपराधियों को पकड़ने में लगातार सफल हो रही है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिलता रहे और अपराधियों में भय बना रहे।
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