हरिद्वार पुलिस द्वारा ऑपरेशन कालनेमी के तहत फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारी
हरिद्वार।
उत्तराखंड सरकार और माननीय मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में धार्मिक आस्था की आड़ में जनता को ठगने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा “ऑपरेशन कालनेमी” अब प्रभावी रूप से रंग दिखा रहा है। इसी कड़ी में हरिद्वार पुलिस ने थाना सिडकुल क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाबा का भेष धारण कर जादू-टोना और तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों को भ्रमित करने वाले 10 बहरूपियों को हिरासत में लिया है।
यह कार्रवाई SSP हरिद्वार के नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य समाज में फैल रही ठगी, अंधविश्वास और अवैध धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।
“ऑपरेशन कालनेमी”?
ऑपरेशन कालनेमी उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसका नाम पौराणिक कथाओं के उस पात्र से लिया गया है जो साधु का भेष धरकर लोगों को भ्रमित करता था। आज के दौर में भी कुछ असामाजिक तत्व धर्म और साधु-संतों की आड़ में भोली-भाली जनता को ठगने का कार्य कर रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है—
- धर्म के नाम पर धोखाधड़ी रोकना
- जादू-टोना और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वालों पर कार्रवाई
- सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना
- श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
थाना सिडकुल पुलिस की सतर्कता से हुई कार्रवाई
दिनांक 31 जनवरी 2026 को थाना सिडकुल पुलिस द्वारा क्षेत्र में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति सड़क किनारे बाबा का भेष धारण कर तंत्र-मंत्र, जादू-टोना और चमत्कार दिखाने का दावा कर रहे हैं।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि ये लोग श्रद्धालुओं और राहगीरों को भ्रमित कर रहे थे, जिससे वहां भीड़ जमा हो रही थी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना उत्पन्न हो रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को धारा 172(2) BNSS के अंतर्गत हिरासत में ले लिया।
सड़क किनारे बाबा बनकर फैलाया जा रहा था भ्रम
पुलिस के अनुसार, थाना सिडकुल क्षेत्र अंतर्गत सड़क के आसपास कुछ लोग लंबे समय से बाबाओं का भेष धारण कर बैठे हुए थे। ये लोग राहगीरों और श्रद्धालुओं को रोककर उनके जीवन की समस्याओं का समाधान करने, ग्रह-दोष हटाने, तंत्र-मंत्र से बीमारी ठीक करने और भविष्य सुधारने का दावा कर रहे थे।
इन गतिविधियों के कारण न केवल लोग ठगी का शिकार हो रहे थे, बल्कि वहां भीड़-भाड़ की स्थिति भी उत्पन्न हो रही थी, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी।
धारा 172 BNSS के अंतर्गत हिरासत
पुलिस ने सभी आरोपियों को धारा 172 (2) BNSS के तहत हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि ये सभी लोग संगठित रूप से बाबा बनकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ समाज में अंधविश्वास फैलाने का भी कार्य करते हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पते
गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- कृष्ण कुमार पुत्र सीताराम, निवासी ग्राम रामपुर मनिहारान, सहारनपुर
- गुलशेर पुत्र नूर नबी, निवासी बकरा मार्केट, ज्वालापुर
- दिलाराम पुत्र धनीराम, निवासी ग्राम होशियाबाद, थाना अफजलगढ़, बिजनौर
- सोनू लाल पुत्र बच्ची लाल, निवासी सराय फाटक, ज्वालापुर, हरिद्वार
- चरण सिंह पुत्र चंद्रपाल, निवासी चिड़िया घुरैनी, जिला चंदौसी, उत्तर प्रदेश
- दुष्यंत पुत्र दिनेश कुमार, निवासी धामपुर, बिजनौर
- नरेंद्र पुत्र फद्दू सिंह, निवासी नूरपुर, बिजनौर
- कमल पुत्र सुशील सिंह, निवासी ग्राम पावटी, थाना चरथावल, मुजफ्फरनगर
- जैकी कुमार पुत्र धर्मपाल सिंह, निवासी कुशालपुर, जिला बिजनौर
- राजीव कुमार पुत्र महावीर सिंह, निवासी स्योहारा, जिला बिजनौर
थाना सिडकुल पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देती है। ऑपरेशन कालनेमी के तहत की जा रही सख्ती से यह स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन धर्म के नाम पर जनता को ठगने वालों के खिलाफ पूरी तरह गंभीर है।
आने वाले समय में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे, जिससे प्रदेश को अंधविश्वास और धोखाधड़ी से मुक्त किया जा सके।
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