हरिद्वार जिला कार्यालय में आयोजित जिला गंगा संरक्षण समिति की 69वीं बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अधिकारियों को निर्देश देते हुए।
हरिद्वार में जिला गंगा संरक्षण समिति की 69वीं बैठक का आयोजन जिला कार्यालय सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखना तथा गंगा में गिरने वाले गंदे पानी और अतिक्रमण पर सख्त नियंत्रण करना रहा।
एसटीपी की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जल संस्थान हरिद्वार एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके विभाग द्वारा संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की नियमित रूप से निगरानी की जाए।
विशेष रूप से 14 एमएलडी एसटीपी सराय और 33 एमएलडी एसटीपी सलियर के संचालन को लेकर संबंधित फर्मों पर अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि एसटीपी के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौशालाओं और डेयरी पर सख्ती
नगर निगम हरिद्वार को निर्देशित किया गया कि जनपद में संचालित गौशालाओं और डेयरियों के लिए डेयरी वॉयलाज बनाया जाए। इसके साथ ही नालियों में भूसा और गोबर डालने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह कदम गंगा में गंदगी जाने से रोकने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
कस्साबान नाले पर औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने नगर निगम को कस्साबान नाले का माह में दो बार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यदि कोई अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देशों के अनुसार अधिकतम जुर्माना लगाया जाए।
साथ ही कस्साबान क्षेत्र में दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
गंगा घाटों और पुलों से अतिक्रमण हटाने के आदेश
पुलिस, नगर निगम, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश और हरिद्वार प्रशासन को निर्देश दिए गए कि चमकादड़ टापू, दूधियाबंध और दक्षिण काली माता मंदिर के आसपास हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर तुरंत हटाया जाए।
इसके अतिरिक्त हरकी पौड़ी क्षेत्र के विभिन्न पुलों पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर वहां निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो।
गंगा में गंदा पानी और कूड़ा डालने पर रोक
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में गंगा नदी में नालों का गंदा पानी या कूड़ा-कचरा न जाए। इसके लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को उचित प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम द्वारा जानकारी दी गई कि हरिद्वार क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर साइन बोर्ड और सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे आमजन को जागरूक किया जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, एसीपी जितेंद्र चौधरी, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, उप प्रभागीय अधिकारी पूनम कैथूरा, एसडीओ यूपी कैनाल भारत भूषण, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान हरीश बंसल, नगर आयुक्त ऋषभ उनियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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