मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लैब ऑन व्हील्स का फ्लैग ऑफ करते हुए
देहरादून।
उत्तराखंड के युवाओं और छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से छात्र कौशल संवर्धन हेतु ‘लैब ऑन व्हील्स (इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड)’ का विधिवत फ्लैग ऑफ किया। यह अभिनव पहल छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तथा अन्य इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में हैंड्स ऑन प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली में नवाचार अत्यंत आवश्यक है। आज के युग में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता से लैस करना जरूरी है। लैब ऑन व्हील्स इसी दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।
लर्निंग बाई डूइंग को मिलेगा बढ़ावा
लैब ऑन व्हील्स छात्रों को ‘लर्निंग बाई डूइंग’ की अवधारणा पर आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी। इस मोबाइल लैब में ऐसे अत्याधुनिक उपकरण और डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे, जिनके माध्यम से छात्र स्वयं प्रयोग कर सीख सकेंगे। विज्ञान विषयों के विभिन्न प्रयोगों को वर्चुअल मोड में भी समझने की सुविधा दी जाएगी, जिससे जटिल अवधारणाएँ सरल और रोचक बनेंगी।
पूरे राज्य में घूमकर पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा
इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के सहयोग से संचालित यह लैब ऑन व्हील्स आगामी पाँच वर्षों तक पूरे उत्तराखंड राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों में जाकर छात्रों को प्रशिक्षित करेगी। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुँचाना है, जहाँ संसाधनों की कमी के कारण छात्रों को हैंड्स ऑन प्रशिक्षण नहीं मिल पाता।
छात्रों को वैश्विक संभावनाओं से जोड़ेगी पहल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पहल छात्रों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाएगी, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर की संभावनाओं से भी जोड़ेगी। डिजिटल स्किल्स के माध्यम से छात्र भविष्य में स्टार्टअप, आईटी सेक्टर, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकेंगे।
उच्च, तकनीकी और विद्यालयी शिक्षा के लिए उपयोगी
लैब ऑन व्हील्स में उपलब्ध प्रशिक्षण और प्रैक्टिकल्स:
- उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों
- तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों
- विद्यालयी स्तर के छात्रों
सभी के लिए उपयोगी होंगे। इससे शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बीच की तकनीकी खाई को पाटने में मदद मिलेगी।
उच्च, तकनीकी और विद्यालयी शिक्षा के लिए उपयोगी
लैब ऑन व्हील्स में उपलब्ध प्रशिक्षण और प्रैक्टिकल्स:
- उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों
- तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों
- विद्यालयी स्तर के छात्रों
सभी के लिए उपयोगी होंगे। इससे शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बीच की तकनीकी खाई को पाटने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- विधायक श्रीमती सविता कपूर
- विधायक प्रमोद नैनवाल
- उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन
- डॉ. जयपाल सिंह चौहान
- सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा
- उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी
- इंफोसिस के प्रतिनिधि
शामिल रहे।
उत्तराखंड की शिक्षा नीति को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि लैब ऑन व्हील्स जैसी पहल से उत्तराखंड की शिक्षा नीति को नई दिशा मिलेगी। इससे राज्य के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
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