गृह मंत्री अमित शाह कल्याण पत्रिका शताब्दी अंक का विमोचन करते हुए
ऋषिकेश ।
भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रचार में दशकों से अहम भूमिका निभा रही गीताप्रेस गोरखपुर की सुप्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव का आयोजन रविवार को उत्तराखंड की आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश में भव्य रूप से किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वर्गाश्रम जौंक स्थित गीताभवन (नंबर सात) में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विधिवत विमोचन किया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा संत-महात्मा, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी समारोह में शामिल हुए।
वेद निकेतन हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ऋषिकेश आगमन वेद निकेतन हेलीपैड पर हुआ, जहां स्थानीय प्रशासन, भाजपा नेताओं और आयोजकों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वे सीधे स्वर्गाश्रम स्थित गीताभवन पहुंचे, जहां शताब्दी महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
कल्याण पत्रिका का शताब्दी सफर
गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित कल्याण पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 1926 में प्रारंभ हुआ था। बीते 100 वर्षों में इस पत्रिका ने भारतीय समाज में धर्म, नैतिकता, संस्कृति और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब तक कल्याण पत्रिका की 17 करोड़ 50 लाख से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं, जो इसे दुनिया की सर्वाधिक प्रकाशित आध्यात्मिक पत्रिकाओं में शामिल करती हैं। यह उपलब्धि अपने आप में भारतीय प्रकाशन इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है।
आरोग्य अंक का भी किया गया विमोचन
शताब्दी अंक के साथ-साथ कार्यक्रम के दौरान कल्याण पत्रिका के आरोग्य अंक का भी विमोचन किया गया। आयोजकों ने बताया कि आरोग्य अंक की अब तक 2 लाख 22 हजार प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। यह अंक स्वास्थ्य, योग, आयुर्वेद और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर केंद्रित है, जिसे पाठकों से अत्यधिक सराहना मिल रही है।
अमित शाह का संबोधन: “कल्याण पत्रिका राष्ट्र चेतना की वाहक”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कल्याण पत्रिका केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि भारतीय जनमानस की चेतना को जागृत करने वाला साहित्यिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि—
“कल्याण पत्रिका ने सौ वर्षों तक भारतीय समाज को अपने मूल संस्कारों से जोड़े रखा। यह पत्रिका सनातन संस्कृति, धर्म और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने का कार्य कर रही है।”
अमित शाह ने गीताप्रेस गोरखपुर के संस्थापकों और वर्तमान प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यावसायिकता से दूर रहकर भी गीताप्रेस ने जनसेवा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की सराहना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि—
“कल्याण पत्रिका ने भारतीय समाज को आत्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत किया है। उत्तराखंड जैसी देवभूमि में इसके शताब्दी महोत्सव का आयोजन हम सभी के लिए गौरव का विषय है।”
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संस्थानों के संरक्षण व संवर्धन के लिए लगातार प्रयासरत है।संत समाज और श्रद्धालुओं की रही विशेष उपस्थिति
संत समाज और श्रद्धालुओं की रही विशेष उपस्थिति
शताब्दी समारोह में देशभर से आए संत-महात्माओं, धार्मिक विद्वानों और श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। सभी ने एक स्वर में कल्याण पत्रिका को सनातन संस्कृति की धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
हरिद्वार कार्यक्रम के लिए रवाना हुए अमित शाह
करीब दो घंटे तक गीताभवन में समय व्यतीत करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैराज रोड के माध्यम से हरिद्वार के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें एक अन्य कार्यक्रम में शामिल होना था।
कल्याण पत्रिका का शताब्दी महोत्सव न केवल एक साहित्यिक उपलब्धि का उत्सव था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और राष्ट्र चेतना के संरक्षण का प्रतीक भी बना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
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