उत्तरकाशी के गेंवला भंडारस्यूं में आयोजित जन सेवा शिविर में जल जीवन मिशन की समस्याएं उठाते ग्रामीण
उत्तरकाशी । उत्तराखंड सरकार की जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत उत्तरकाशी जनपद की न्याय पंचायत गेंवला भंडारस्यूं में आयोजित जन सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए अपनी समस्याएं खुलकर रखने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। शिविर में सबसे प्रमुख मुद्दा जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं का रहा, जिसे लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध और अपनी मांगें दर्ज कराईं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर नल से जल पहुंचाना है, लेकिन कई गांवों में यह योजना अब तक अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
गेंवला इंटर कॉलेज में लगा जन सेवा शिविर
शुक्रवार को विकासखंड डुंडा की न्याय पंचायत गेंवला भंडारस्यूं के इंटर कॉलेज गेंवला में यह जन सेवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दर्जाधारी गीता राम गौड़ की उपस्थिति रही, जबकि उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा की अध्यक्षता में जनसमस्याओं की सुनवाई की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक-एक कर सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना।
जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं पर नाराजगी
ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की आपूर्ति आज तक शुरू नहीं हो सकी है। कुछ स्थानों पर कार्य अधूरा पड़ा है, तो कहीं तकनीकी खामियों के चलते पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की कि अधूरी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कर स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को दूर-दराज से पानी ढोने की मजबूरी न झेलनी पड़े।
पनोथ में पेयजल संकट और अलाइनमेंट की शिकायत
शिविर में पनोथ क्षेत्र के ग्रामीणों ने पेयजल संकट और पाइपलाइन अलाइनमेंट से जुड़ी गंभीर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने कहा कि गलत अलाइनमेंट के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इस पर उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा ने पेयजल निगम को प्राथमिकता के आधार पर एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ब्रह्मखाल में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग
शिविर के दौरान ब्रह्मखाल क्षेत्र के लोगों ने सड़क मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि रात के समय रोशनी की व्यवस्था न होने से दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है।
अधिकारियों ने संबंधित विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई सड़क समस्या पर त्वरित निर्देश
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत ग्रामीणों ने डांग से मसोल के बीच खराब पड़े मार्ग को खोलने की शिकायत दर्ज कराई। मार्ग अवरुद्ध होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इस पर एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निर्देश दिए कि मार्ग बहाली के लिए तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाकर कार्य शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
117 शिकायतें दर्ज, 68 का मौके पर निस्तारण
जन सेवा शिविर में कुल 117 लिखित शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 68 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
शेष शिकायतों के लिए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए, ताकि समस्याओं का समाधान तय समय सीमा के भीतर किया जा सके।
प्रशासन और जनता के बीच संवाद का मंच
यह जन सेवा शिविर प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम साबित हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का समाधान पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
शिविर में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता
शिविर में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें—
- मनवीर चौहान
- केदार सिंह रावत
- राजदीप परमार
- शैलेंद्र कोहली
- मंडल अध्यक्ष आलेंद्र भंडारी
- व्यापार मंडल अध्यक्ष मनवीर भंडारी
- प्रधान संगठन अध्यक्ष कृपाल सिंह
- जिला पंचायत सदस्य बुद्धि सिंह राणा
- मदन बिजल्वाण
- गिरिराज रावत
आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ग्रामीण विकास के लिए जरूरी है योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन
वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल, सड़क और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं। यदि योजनाएं समय पर पूरी न हों, तो लोगों का जीवन कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि योजनाओं की नियमित निगरानी कर उन्हें धरातल पर उतारा जाए।
गेंवला भंडारस्यूं में आयोजित जन सेवा शिविर ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं की सफलता तभी संभव है, जब उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू किया जाए। ग्रामीणों की समस्याओं पर प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेना एक सकारात्मक संकेत है। अब देखना यह होगा कि शेष शिकायतों पर कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई होती है।
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