“लक्सर बहादरपुर खादर में जन-जन की सरकार शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते एडीएम पिंचा राम चौहान”
लक्सर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत लगा बहुद्देश्यीय शिविर
लक्सर (फ़रमान खान)।
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत लक्सर क्षेत्र के ग्राम बहादरपुर खादर स्थित विद्यालय परिसर में एक विशाल बहुद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) पिंचा राम चौहान स्वयं पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया।
इस जनसुनवाई शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना रहा।
70 से अधिक शिकायतें दर्ज, कई का तत्काल समाधान
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
एडीएम पिंचा राम चौहान ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आधार कार्ड से जुड़ी शिकायतें रहीं सबसे अधिक
शिविर में प्राप्त शिकायतों में आधार कार्ड से संबंधित समस्याएं सबसे अधिक सामने आईं। ग्रामीणों ने आधार अपडेट, सुधार और नए पंजीकरण को लेकर परेशानी बताई।
इस पर एडीएम ने गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्सर क्षेत्र में स्थायी आधार केंद्र खोलने के सख्त निर्देश दिए, ताकि लोगों को भविष्य में इस प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पड़े।
बिजली, पानी, फसल नुकसान और भू-कटाव जैसे मुद्दे उठे
ग्रामीणों ने शिविर में कई अहम जनसमस्याएं उठाईं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- बिजली और पेयजल आपूर्ति की अनियमितता
- जंगली जानवरों से फसलों को हो रहा नुकसान
- सोलानी नदी में बढ़ता भू-कटाव
- जलभराव की समस्या
- शराब की दुकान से जुड़ी आपत्तियां
इन सभी मुद्दों पर एडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की मंशा – प्रशासन खुद पहुंचे जनता के द्वार
एडीएम पिंचा राम चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चल रहा यह अभियान सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें जनता को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने कहा—
“सरकार की मंशा है कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जाए। इसी उद्देश्य से न्याय पंचायत स्तर पर ये शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।”
23 विभागों की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर
इस बहुद्देश्यीय शिविर में 23 विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को—
- विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी
- प्रमाण-पत्रों का वितरण
- स्वास्थ्य जांच सुविधाएं
- पेंशन, राशन, समाज कल्याण, कृषि और रोजगार से जुड़ी सेवाएं
एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।
एडीएम की मौजूदगी से ग्रामीणों में दिखा उत्साह
शिविर में एडीएम की उपस्थिति से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से आम जनता को वास्तविक लाभ मिल रहा है।
ग्रामीणों का कहना था कि पहले जहां छोटी समस्याओं के लिए भी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब प्रशासन खुद गांव आकर समस्याएं सुन रहा है।
पूरे प्रदेश में चल रहा है अभियान
गौरतलब है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत उत्तराखंड के सभी जिलों में न्याय पंचायत स्तर पर लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक हजारों लोगों को सीधा लाभ मिल चुका है।
यह अभियान राज्य सरकार की सुशासन और जवाबदेही की नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रहा है।
कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें—
- उपजिलाधिकारी लक्सर – सौरव असवाल
- खंड विकास अधिकारी – प्रवीण भट्ट
- एबीडीओ – पवन कुमार सैनी
- एडीओ समाज कल्याण – अंशुल राठी
- राज्यमंत्री – शोभाराम प्रजापति
- भाजपा के कई कार्यकर्ता एवं समस्त विभागीय कर्मचारीगण
शामिल रहे।
लक्सर के बहादरपुर खादर में आयोजित यह बहुद्देश्यीय शिविर न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करता नजर आया, बल्कि यह भी साबित हुआ कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो समस्याओं का समाधान तेजी और संवेदनशीलता के साथ किया जा सकता है। उत्तराखंड सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनसुनवाई और सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
यह भी पढ़ें–अंकिता हत्याकांड पर यूकेडी का पौड़ी में उग्र प्रदर्शन
