रुड़की पुलिस द्वारा अशोक नगर ढंडेरा में शांति व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई
रुड़की (हरिद्वार)
जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में कोतवाली रुड़की पुलिस ने एक त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए अशोक नगर, ढंडेरा क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले एक व्यक्ति को धारा 170 BNSS के अंतर्गत हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के प्रति पुलिस किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी।
112 पर मिली सूचना, पुलिस ने दिखाई तत्परता
दिनांक 24 दिसंबर 2025 को कोतवाली रुड़की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को 112 आपात सेवा के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि अशोक नगर, ढंडेरा इलाके में विक्रम नामक व्यक्ति अपने घर में परिजनों के साथ गाली-गलौच कर रहा है और घर के बाहर तक शोर-शराबा फैल रहा है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल मौके के लिए प्रस्थान किया। पुलिस का त्वरित रिस्पॉन्स इस बात का प्रमाण है कि आपात सेवाओं पर आने वाली हर सूचना को गंभीरता से लिया जाता है।
मौके पर मिली आमदा-फसाद की स्थिति
पुलिस टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण पाया गया। आरोपी विक्रम सिंह रावत अपने परिजनों के साथ ऊंची आवाज में गाली-गलौच कर रहा था। उसकी हरकतों से न केवल घर के अंदर बल्कि आसपास के लोगों में भी भय और असुविधा का माहौल बन गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी का व्यवहार ऐसा था जिससे किसी भी समय आमदा-फसाद यानी झगड़े या हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। पड़ोसियों की शांति भंग हो रही थी और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
समझाने का प्रयास, नहीं हुआ सुधार
पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पहले शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आरोपी को समझाया गया कि वह संयम बरते और विवाद को समाप्त करे, लेकिन आरोपी ने पुलिस की बातों को नजरअंदाज करते हुए अपना उग्र व्यवहार जारी रखा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी नशे या अत्यधिक आक्रोश की स्थिति में था, जिसके चलते वह किसी भी प्रकार का सहयोग करने को तैयार नहीं था। ऐसी स्थिति में पुलिस के पास कानून के तहत कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा
धारा 170 BNSS में हिरासत
स्थिति की गंभीरता और शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के अंतर्गत आरोपी को हिरासत में ले लिया।
धारा 170 BNSS का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को नियंत्रित करना है, जिनकी गतिविधियों से सार्वजनिक शांति, सुरक्षा या कानून व्यवस्था को खतरा हो सकता है। इस धारा के तहत की गई कार्रवाई पूरी तरह से निवारक (Preventive) होती है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।
आरोपी का नाम व पता
पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया व्यक्ति:
- नाम: विक्रम सिंह रावत
- पिता का नाम: श्रावण सिंह रावत
- निवासी: अशोक नगर, ढंडेरा, रुड़की
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। टीम में शामिल अधिकारी/कर्मचारी:
- कानि० गोविन्द तोमर
- होगा० प्रमोद
- हे० कांस्टेबल संदीप
पुलिस अधिकारियों की तत्परता और पेशेवर रवैये के चलते स्थिति को समय रहते नियंत्रण में ले लिया गया और किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पड़ोसियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती, तो विवाद बड़ा रूप ले सकता था।
स्थानीय निवासी मानते हैं कि इस प्रकार की निवारक कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का भय बना रहता है और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगती है
पुलिस का संदेश: शांति भंग करने वालों पर सख्ती
कोतवाली रुड़की पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों या आवासीय क्षेत्रों में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, झगड़ा या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 पर दें।
पुलिस का कहना है कि समाज में शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और कानून व्यवस्था में बाधा डालने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
BNSS लागू होने के बाद पुलिस की सक्रियता
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लागू होने के बाद पुलिस को निवारक कार्रवाई के लिए अधिक स्पष्ट और प्रभावी अधिकार प्राप्त हुए हैं। धारा 170 BNSS के तहत की गई यह कार्रवाई इसी का उदाहरण है, जिसमें बिना किसी गंभीर घटना के पहले ही संभावित खतरे को टाल दिया गया।
रुड़की पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हर स्तर पर सतर्क और प्रतिबद्ध है। अशोक नगर, ढंडेरा में हुई यह घटना भले ही घरेलू विवाद से शुरू हुई हो, लेकिन समय रहते हस्तक्षेप कर पुलिस ने इसे सार्वजनिक शांति भंग होने से रोक लिया।
इस प्रकार की त्वरित और निवारक कार्रवाई न केवल आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाती है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत करती है।
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