देहरादून में पीएमजीएसवाई की समीक्षा बैठक करते ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी
देहरादून
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रहे सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं, ताकि योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंच सके।
मंत्री गणेश जोशी ने यह निर्देश आज अपने कैंप कार्यालय, देहरादून में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में पीएमजीएसवाई से जुड़े अधिकारियों के साथ वर्तमान में चल रहे एवं प्रस्तावित सड़क और पुल निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
84 ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मिलेगी गति
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य को पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 1700 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस बजट से प्रदेश में—
- 184 ग्रामीण सड़कों
- कुल 1228 किलोमीटर लंबाई
की सड़कों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन परियोजनाओं से संबंधित सभी कागजी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ किया जा सके।
उन्होंने कहा कि योजनाओं में अनावश्यक देरी ग्रामीण विकास की गति को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को मिले प्राथमिकता
ग्राम्य विकास मंत्री ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत पहले से निर्मित लेकिन वर्तमान में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत खराब होने से—
- ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई
- आपातकालीन सेवाओं में देरी
- कृषि उत्पादों की ढुलाई में समस्या
का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मरम्मत कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
समयबद्धता और गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
मंत्री गणेश जोशी ने दो टूक शब्दों में कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत होने वाले किसी भी निर्माण कार्य में—
- गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा
- निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाएगा
- सभी कार्य पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होंगे
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीण कनेक्टिविटी से बदलेगी गांवों की तस्वीर
बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केवल सड़क निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। अच्छी सड़कों के माध्यम से—
- किसान अपने उत्पाद आसानी से मंडियों तक पहुंचा सकेंगे
- ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी
- पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गांव सड़क कनेक्टिविटी से वंचित न रहे।
भूमि मुआवजा मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने भूमि मुआवजा वितरण से जुड़े लंबित प्रकरणों पर भी गंभीरता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- लंबित मुआवजा मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए
- किसानों और भूमि स्वामियों को समय पर मुआवजा मिले
- मुआवजा प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद निर्माण कार्यों में देरी का बड़ा कारण बनते हैं, इसलिए इन्हें समय रहते सुलझाना बेहद जरूरी है।
पीएमजीएसवाई फेज-03 की प्रगति रिपोर्ट
अधिकारियों द्वारा बैठक में अवगत कराया गया कि पीएमजीएसवाई फेज-03 के अंतर्गत—
- 212 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है
- शेष 80 सड़कों पर कार्य तेजी से प्रगति पर है
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शेष सड़कों का कार्य भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में पीएमजीएसवाई से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- आलोक पांडेय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूआरआरडीए
- संजय कुमार पाठक, मुख्य अभियंता
- विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ
शामिल रहे। अधिकारियों ने मंत्री को योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया।
सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास सबसे ऊपर है। सड़क और पुल निर्माण से न केवल गांव शहरों से जुड़ेंगे, बल्कि प्रदेश का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे लाखों ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों और पुलों के निर्माण को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। 1700 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश यह दर्शाते हैं कि सरकार ग्रामीण कनेक्टिविटी को विकास की रीढ़ मानती है। आने वाले समय में इन सड़कों के माध्यम से उत्तराखंड के गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें–हरिद्वार में दोपहिया वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, चार शातिर गिरफ्तार, 14 बाइकें बराम
