ऋषिकेश में सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित करते नेता
ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में सोमवार को भारत रत्न और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया गया और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन बैराज मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में किया गया, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए। सभी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उनके जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा,
“सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने अदम्य साहस, मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व से भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज का भारत उनकी सोच और निर्णयों का परिणाम है।”
राष्ट्र की एकता के शिल्पकार थे सरदार पटेल
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती रियासतों का एकीकरण था। उस कठिन समय में सरदार पटेल ने दृढ़ नेतृत्व दिखाते हुए सैकड़ों रियासतों का भारत में विलय कराया। यदि उस समय उनका नेतृत्व न होता, तो आज भारत का स्वरूप अलग हो सकता था।
सरदार पटेल की राजनीतिक दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता के कारण ही उन्हें “लौह पुरुष” की उपाधि मिली। उन्होंने हमेशा राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा और किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आए।
आज भी प्रासंगिक हैं सरदार पटेल के विचार
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जब देश को एकजुट रखने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, तब सरदार पटेल के विचार और सिद्धांत और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी सोच युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ निश्चय और ईमानदारी से कार्य करने पर सफलता अवश्य मिलती है।
कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। सभी ने यह भी संकल्प लिया कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।
ऋषिकेश के कई मंडलों के पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष मनोज ध्यानी, मंडल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष श्यामपुर चंद्रमोहन पोखरियाल, राजेंद्र बिजल्वान, जिला उपाध्यक्ष राजू शर्मा, जिला मंत्री सुमित पंवार, पुनिता भंडारी, सुधा अशवाल, रुचि जैन, निवेदिता सरकार, पूर्णिमा तायल सहित अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में सरदार पटेल के योगदान को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की बात कही।
सरदार पटेल: एक व्यक्तित्व, एक विचारधारा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे एक विचारधारा थे। उनका जीवन अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक था।
उन्होंने किसानों के हितों के लिए भी संघर्ष किया और देश के पहले गृह मंत्री के रूप में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी किया गया उल्लेख
वक्ताओं ने गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सरदार पटेल के विचारों और उनके योगदान की जीवंत पहचान है। यह आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाती रहेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि सरदार पटेल का जीवन संघर्ष, परिश्रम और संकल्प का उदाहरण है। आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
ऋषिकेश में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों को आत्मसात करने का संदेश भी था। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि लौह पुरुष सरदार पटेल का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा देने में सक्षम हैं।
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