हरिद्वार ज्वालापुर क्षेत्र में नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान
हरिद्वार। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के दिशा-निर्देशन में नगर निगम और पुलिस प्रशासन एक बार फिर सक्रिय दिखाई दिया। शहरवासियों को सुचारू यातायात और व्यवस्थित व्यापारिक माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में बुधवार को ज्वालापुर क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में जटवाड़ा पुल चौक से लेकर मेन बाज़ार क्षेत्र तक सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया।
नगर निगम हरिद्वार के सहायक नगर आयुक्त ऋषभ उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन की स्पष्ट नीति है— “फुटपाथ और सड़क जनता के लिए हैं, निजी कब्जों के लिए नहीं।” इसी उद्देश्य से नगर निगम की टीम और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई सुबह से ही शुरू हुई।
सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण से बढ़ रही थीं समस्याएँ
पिछले कई महीनों से ज्वालापुर मेन बाज़ार और जटवाड़ा पुल चौक के आसपास बढ़े हुए अतिक्रमण से—
ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी
पैदल यात्रियों को जगह नहीं मिल रही थी
आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल/फायर) की गति बाधित व्यवसायियों के बीच विवाद की स्थितियाँ
जिलाधिकारी को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब प्रशासन ने कड़ाई से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया।
अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
कार्रवाई में—
- सड़क किनारे और फुटपाथों पर रखे गैर कानूनी खोखे, ठेले हटाए गए
- दुकानों के बाहर बढ़ाए गए अनधिकृत शेड और काऊंटर तोड़े गए
- कई व्यापारियों को चेतावनी नोटिस जारी
- स्थाई अतिक्रमण पर प्रतिबंध की चेतावनी
सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि—
पुलिस की निगरानी में कार्रवाई, किसी को नहीं मिली छूट

ज्वालापुर पुलिस टीम अभियान में शुरू से अंत तक साथ रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि—
- भीड़ नियंत्रण
- कानून व्यवस्था बनाए रखने
- संभावित विरोध रोकने
के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान स्थानीय लोगों को भी समझाया गया कि यह अभियान जनहित के लिए है, न कि व्यापारियों के खिलाफ।
अतिक्रमण मुक्त हरिद्वार: प्रशासन का लक्ष्य
हरिद्वार धार्मिक और पर्यटक नगरी है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं। प्रमुख बाज़ारों में अव्यवस्था की स्थिति शहर की छवि को प्रभावित कर रही थी। प्रशासन ने शहर को अधिक व्यवस्थित स्वच्छ सुगम यातायात वाला श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर बनाने को लक्ष्य मानते हुए यह अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
व्यवसायियों से अपील
नगर निगम ने व्यापारियों से यह विशेष अपील की—
- दुकान की सीमा के भीतर ही व्यापार करें
- फुटपाथ जनता के लिए ही छोड़ें
- बार-बार चेतावनी के बावजूद कब्जा किया तो कठोर दंड मिलेगा
उनियाल ने कहा—
“सहयोग करने वाले व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। लेकिन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी संकोच एक्शन लिया जाएगा।”
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
अधिकांश लोग इस अभियान से संतुष्ट दिखाई दिए। क्षेत्रवासियों ने कहा कि—
- फुटपाथ खाली होने से पैदल चलना आसान
- सफाई की स्थिति बेहतर
- जाम की समस्या में राहत
वहीं कुछ व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन को स्थाई समाधान देना चाहिए ताकि बार-बार दुकानें हटाने की नौबत न आए।
नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि—
✔ छोटे कारोबारियों के लिए वैकल्पिक जगहों को विकसित किया जा रहा है
✔ स्ट्रीट वेंडिंग ज़ोन की योजना जल्द लागू
आगे किन क्षेत्रों में अभियान?
सूत्रों के अनुसार आगामी दिनों में—
• हाइवे किनारे अवैध ढाबों
• भीड़भाड़ वाले अन्य बाज़ार
• धार्मिक स्थलों के आसपास फैल रहे अतिक्रमण
के विरुद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित है। प्रशासन ने पहले ही नक्शा चिन्हित कर लिया है।
कानून और व्यवस्था का सख्त अनुपाल
अभियान के बाद पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दिया—
“वापस कब्जा करने की कोशिश की तो तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।”
यह कदम शहर को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त करने के इरादे को मजबूत करता है।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम के साथ—
- ज्वालापुर पुलिस
- सफाई एवं फॉगिंग स्टाफ
- अभियंत्रण विभाग
के अधिकारी मौजूद रहे। हर स्तर पर सतर्कता और समन्वय देखा गया।
यह अभियान केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि—
• शहर की सुंदरता
• सुरक्षा
• स्वच्छता
• सुचारू परिवहन
को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हरिद्वार प्रशासन ने साफ कहा है कि यह अभियान जारी रहेगा और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
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