“ऋषिकेश में सड़क अतिक्रमण के कारण बढ़ती ट्रैफिक समस्या का दृश्य”
ऋषिकेश शहर की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में नगर क्षेत्र की अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और मुख्य मार्गों पर हो रही घेराबंदी का मामला प्रमुखता से उठाया गया। स्थानीय नागरिकों ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अवैध कब्जों और दुकानों द्वारा फुटपाथ तक फैलाए गए सामान की वजह से सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे ट्रैफिक जाम आम बात बन चुकी है। इतना ही नहीं, पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित रास्ता ढूँढना मुश्किल हो गया है।
तहसील प्रशासन की ओर से इस गंभीर मुद्दे को तत्काल संज्ञान में लेते हुए पुलिस, लोनिवि (लोक निर्माण विभाग) और नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए कि सभी सड़कों को निष्पक्ष रूप से अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाई जाए।
अतिक्रमण से बढ़ रही परेशानियाँ
शहर के चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र से आए निवासी अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट कहा कि कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा कब्जा किए जाने से पैदल रास्ता तक बाधित हो गया है। लोग मजबूरी में सड़क पर चलने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने प्रशासन को बताया कि न सिर्फ सड़कें, बल्कि कुछ सार्वजनिक परिसंपत्तियाँ भी अवैध रूप से घेर ली गई हैं, जिनका उपयोग आम नागरिक नहीं कर पा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण
- ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है
- स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को खतरा
- एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को भी परेशानी
- पर्यटक और श्रद्धालु क्षेत्रों में अव्यवस्था
यह स्थिति पर्यटन नगरी ऋषिकेश की छवि को भी प्रभावित कर रही है।
सिर्फ पाँच शिकायतें, पर कोई निस्तारण नहीं
तहसील दिवस में कुल पाँच शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से अधिकांश अतिक्रमण और राजस्व विवाद से संबंधित थीं।
हालाँकि शिकायतें कम थीं, लेकिन निराकरण के स्तर पर तस्वीर कमजोर दिखी—क्योंकि मौके पर किसी भी शिकायत का समाधान नहीं हो पाया।
प्रशासनिक अधिकारी रेखा राणा ने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही हेतु ट्रांसफर करते हुए निर्देश दिए कि समाधान की रिपोर्ट जल्द से जल्द तहसील कार्यालय को भेजी जाए।
अधिकारी बोले—साझा प्रयासों से बदलेगी तस्वीर
प्रशासनिक अधिकारी रेखा राणा ने कहा कि—
“ ”
(प्रेस नोट में सटीक कोट उपलब्ध नहीं था, इसलिए यहाँ Placeholder रखा गया है)
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़कें लोगों के चलने-फिरने और सुरक्षित आवागमन के लिए हैं, किसी का निजी स्वामित्व नहीं।
पुलिस और नगर निगम की समन्वित कार्रवाई से जल्द ही शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नागरिकों को जागरूक करने की जरूरत
अधिकारीयों का मत है कि
- जागरूकता अभियान चलाया जाए
- दुकानें निर्धारित सीमा में चलें
- नियमों का उल्लंघन करने पर दंड सुनिश्चित हो
क्योंकि यदि स्थानीय नागरिक और व्यापारी सहयोग नहीं करेंगे, तो केवल प्रशासनिक कदमों से समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं।
शहर में ट्रैफिक सुधार के अन्य उपाय भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि
- पार्किंग स्थलों का विस्तार
- पैदल पथ (Footpath) का संरक्षण
- सड़कों पर नियमित निरीक्षण
- सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
जैसे कदम उठाने से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
प्रशासनिक टीम की उपस्थिति
तहसील दिवस के दौरान प्रशासनिक अधिकारी रेखा राणा के साथ
- सहायक नगर आयुक्त अमन कुमार
- एई धर्मेंद्र प्रसाद
- आशीष बहुगुणा
- विनोद भारती
- अनुज राणा
- एसआई मनवर सिंह नेगी
- निखिलेश बिष्ट
- संजीव सिंह चौहान
आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थानीय नागरिकों ने आशा जताई कि इस बार कार्रवाई सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखनी चाहिए, ताकि ऋषिकेश की सड़कें दोबारा सुगम और सुरक्षित बन सकें।
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