मंगलौर पुलिस द्वारा 700 किलो संदिग्ध पनीर बरामद कर खाद्य सुरक्षा विभाग की देखरेख में नष्ट किया गया
शादियों के सीजन में मिलावटखोर फिर सक्रिय हो गए हैं।
एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर मंगलौर पुलिस ने 700 किलो संदिग्ध पनीर बरामद कर खाद्य सुरक्षा टीम की मौजूदगी में उसे दफ्न कर नष्ट कराया।
यह पनीर देहरादून की ओर भेजा जा रहा था।
शादियों के मौसम में नकली और मानकविहीन खाद्य सामग्री की सप्लाई बढ़ने की शिकायतें आम होती हैं।
ऐसा मिलावटी पनीर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है—फूड पॉइजनिंग, इंफेक्शन और लंबे समय में लीवर-हार्ट संबंधी बीमारियाँ भी इसका एक कारण बन सकती हैं।
हरिद्वार पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग इस अवधि में विशेष सतर्कता से अभियान चला रहे हैं।
एसएसपी हरिद्वार द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि मिलावटखोरों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
मंगलौर थाना पुलिस ने बुधवार की सुबह चेकिंग अभियान के दौरान
- एक बिना नंबर प्लेट वाहन
- जिसमें लगभग 700 किलोग्राम संदिग्ध पनीर लदा हुआ था
को रोका।
पूछताछ पर चालक कोई बिल, कोई खरीद स्रोत, और न ही फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर पाया।
संदेह के आधार पर वाहन को हिरासत में लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित किया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा की गई प्राथमिक जांच में पाया गया कि पनीर मानकों के अनुरूप नहीं है और मानव उपभोग के लिए असुरक्षित है।
इस पर अधिकारी के निर्देशानुसार पनीर को नष्ट कर मंगलौर क्षेत्र में सुरक्षित तरीके से दफ्न किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह सामग्री देहरादून की ओर सप्लाई की जा रही थी, जहाँ शादियों के आयोजन में खाद्य सामग्री की भारी मांग बनी हुई है।
पुलिस की ओर से बताया गया:
“ ” (Placeholder — SSP/थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान उपलब्ध होते ही जोड़ा जा सकता है)
खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि बिना लाइसेंस या सर्टिफिकेशन वाले खाद्य उत्पाद बेचने और परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार त्योहारों और शादियों के समय
- मिलावटी पनीर
- सिंथेटिक दूध
- नकली घी
की आपूर्ति में कई गुना वृद्धि देखी जाती है।
इस दिशा में हरिद्वार प्रशासन पिछले कुछ वर्षों से विशेष अभियान चलाता आ रहा है।
हरिद्वार पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की यह संयुक्त कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है।
सामान्य जनता से अपील की गई है कि वे ब्रांडेड और प्रमाणित खाद्य सामग्री ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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