पथरी पुलिस द्वारा 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार आरोपी।
हरिद्वार जिले में नशा उन्मूलन अभियान के तहत पथरी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बादशाहपुर–हर्षिवाला मार्ग पर चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति को 20 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025’ अभियान के तहत की गई।
नशा-मुक्त उत्तराखंड अभियान की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड पुलिस पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” पहल के तहत हरिद्वार जनपद में अवैध शराब, चरस, स्मैक, गांजा और नशीले इंजेक्शनों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और अपराध दर को कम करना है। इसी क्रम में थाना पथरी की टीम लगातार अवैध शराब और नशीले पदार्थों के विरुद्ध चेकिंग अभियान चला रही है।
स्थान
बादशाहपुर से हर्षिवाला को जाने वाली सड़क, थाना पथरी क्षेत्र, हरिद्वार।
तारीख और समय
रात्रि, 16 नवंबर 2025।
घटना का विवरण
पथरी पुलिस टीम रात्रि चेकिंग पर थी, तभी एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर घबराया। जांच के दौरान पुलिस को उसके कब्जे से 20 लीटर अवैध कच्ची शराब से भरा कनस्तर मिला। पूछताछ में आरोपी की पहचान गंगाराम पुत्र रतन सिंह, निवासी ग्राम भुवापुर, थाना पथरी के रूप में हुई।
आरोपी के खिलाफ मौके पर ही आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और उसे थाने ले जाया गया।
अधिकारी के अनुसार:
“……………………” (पुलिस का आधिकारिक वक्तव्य उपलब्ध होने पर जोड़ा जाएगा)
पुलिस टीम में शामिल थे:
- उपनिरीक्षक विपिन कुमार
- कांस्टेबल बालकराम
- कांस्टेबल वीरेंद्र चौहान
क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता
पथरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब की तस्करी अक्सर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ पैदा करती रही है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।
- ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है।
- अवैध शराब से होने वाली बीमारी और झगड़ों की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
- व्यापार और बाजार में भी अवैध रूप से बिकने वाली शराब पर अंकुश लगेगा।
पथरी पुलिस की इस कार्यवाही से साफ है कि हरिद्वार पुलिस नशा-तस्करों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। जनता से भी अपील है कि नशा संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह सतर्कता समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह भी पढ़ें–लक्सर में बाल दिवस पर रचनात्मकता का उत्सव: बाल मेले में बच्चों की प्रतिभा ने जीता दिल…
