“चमोली में सहकारी समितियों की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और अन्य अधिकारी”
चमोली में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में निबंधक, सहकारी समितियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी सहकारिता मेला 2025 की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा इसके सफल आयोजन हेतु सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सहकारिता वर्ष 2025 और थीम “कोआपरेटिव बिल्ड बेटर वर्ल्ड”
संयुक्त राष्ट्र महासंघ द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया गया है। इस वर्ष की थीम — “Cooperative Build Better World” — सहयोग और सामूहिक विकास की भावना को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। इस थीम के अनुरूप, उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में सहकारिता मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और सहकारी संस्थाओं के बीच सहभागिता बढ़ाना है।
सात दिवसीय सहकारिता मेला 24 से 30 नवम्बर तक
बैठक में बताया गया कि जनपद चमोली में 24 नवम्बर से 30 नवम्बर, 2025 तक सात दिवसीय सहकारिता मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले की थीम “सहकारिता से पर्यावरण संरक्षण, ईको-टूरिज्म एवं वन सहकारिता” निर्धारित की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि यह मेला न केवल सहकारी भावना को स्थानीय स्तर पर मजबूत करेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सहकारिता विभाग की भूमिका को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करेगा।
सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना
“यह सहकारिता मेला राज्य के विकास में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और किसानों को अपने उत्पादों एवं सेवाओं के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह मंच विभागों के बीच बेहतर समन्वय और साझा विकास की दिशा में एक सशक्त पहल होगी।” — डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी, चमोली
रोजगार, पर्यावरण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस आयोजन से न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ईको-टूरिज्म को भी नई दिशा मिलेगी। सहकारी संस्थाएँ, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उद्यमी इस मेले में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरते हैं और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराते हैं।
सहकारिता से विकास के नए मॉडल
पिछले वर्षों में सहकारी मेलों ने ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2023 में आयोजित सहकारिता मेलों में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में लगभग 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था।
इस बार उम्मीद है कि चमोली मेला इससे भी अधिक भागीदारी देखेगा, विशेषकर क्योंकि इसमें वन सहकारिता और ईको-टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, जिला विकास अधिकारी के.के. पंत, मुख्य चिकित्साधिकारी अभिषेक गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारिता बी.एस. राणा, उद्योग महाप्रबंधक अंजलि रमन, सीवीओ अशीम देब सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने मेले के सफल आयोजन हेतु समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।
सहकारिता के माध्यम से ‘विकास की नई दिशा’
आगामी सहकारिता मेला न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि सहकारिता के माध्यम से सतत विकास की भावना को भी मूर्त रूप देगा।
इस आयोजन से उम्मीद की जा रही है कि जनपद चमोली न सिर्फ सहकारिता के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा, बल्कि राज्य में आर्थिक और सामाजिक एकता की मिसाल बनेगा।
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