हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित जनसुनवाई कार्यक्रम में जनता की शिकायतें सुनते हुए।
जनपद हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में 72 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 31 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही हेतु भेजा गया।
जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल
हरिद्वार जिला प्रशासन लंबे समय से जनहित में पारदर्शी प्रशासन और त्वरित शिकायत निवारण की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कार्यालय में हर सोमवार को जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करना तथा लोगों की वास्तविक समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।
जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखते हैं, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव हो पाती है।
72 शिकायतें, 31 का तत्काल समाधान
दिनांक 10 नवंबर 2025 (सोमवार) को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 72 शिकायतें दर्ज की गईं।
इनमें से 31 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही के निर्देशों के साथ भेजा गया।
मुख्य रूप से दर्ज शिकायतें अतिक्रमण, भूमि विवाद, राजस्व, विद्युत व्यवस्था, सड़क निर्माण, और सफाई संबंधी समस्याओं से जुड़ी रहीं।
प्रमुख शिकायतें और मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान कई नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याएं रखीं:
- संतोषी देवी, ग्राम प्रधान भोगपुर ने टाडा भागमल रोड पर किए गए अवैध निर्माण को हटवाने की मांग की।
- राजेश कुमार (डालूवाला) ने अपनी भूमि पर कब्जा दिलवाने की प्रार्थना की।
- जानकी देवी (लालढांग) ने अपने प्लॉट (खसरा नं. 1574) पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने की गुहार लगाई।
- विपिन कुमार (रसूलपुर मीठीबेरी) ने भूमि कब्जा विवाद की शिकायत दर्ज की।
- चंद्रशेखर गोस्वामी ने दूधिया वन घाट नं. 01 पर निराश्रित पशुओं के आश्रय स्थल में विस्तार और सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।
- डॉ. प्रकाश चिंतामणि मालसे ने सूर्य कॉम्प्लेक्स के बाहर अतिक्रमण हटवाने का अनुरोध किया।
- मूलदासपुर के निवासियों ने धनौरी तक सड़क निर्माण की मांग रखी।
- जेआरडी इंटरनेशनल स्कूल से संबंधित अभिभावकों ने ज्ञान मार्ग रोड के क्षतिग्रस्त होने से छात्रों को हो रही दिक्कतें बताईं।
- नितिन कुमार (मुण्डवाना) ने गांव में गंदगी और तालाब सफाई न होने की समस्या रखी, जिससे बीमारियों का खतरा बताया गया।
अधिकारिक बयान
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा —
“जनसुनवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता की कोई भी समस्या बिना सुने न रह जाए। मौके पर जिन समस्याओं का समाधान संभव था, उन्हें तुरंत निस्तारित किया गया है। बाकी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे समयबद्ध कार्रवाई करें।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं।
लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा
जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की। कई ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से शिकायतें सुनने से उन्हें विश्वास मिला है कि उनकी समस्याएं वास्तव में हल होंगी।
इस पहल से नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद तंत्र मजबूत हुआ है, जिससे सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की संभावना बढ़ी है।
शिकायत निस्तारण में सुधार
पिछले कुछ महीनों में हरिद्वार जिला प्रशासन ने जनसुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से 200 से अधिक शिकायतों का समाधान किया है।
2024 की तुलना में मौके पर निस्तारित होने वाले मामलों की संख्या में लगभग 20% की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह दर्शाता है कि प्रशासन की निगरानी और जवाबदेही में सुधार हो रहा है।
प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम
हर सोमवार आयोजित होने वाली यह जनसुनवाई आम नागरिकों को अपनी बात सीधे शीर्ष अधिकारियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन गई है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल ने न केवल शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज किया है, बल्कि लोगों के भीतर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति भरोसा भी बढ़ाया है।
“जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम पारदर्शी शासन का प्रतीक हैं। जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की असली पहचान है।”
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