“रुड़की के गांवों में आयोजित समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर में शिकायत दर्ज कराते ग्रामीण।”
हरिद्वार जिले के झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में समाज कल्याण योजनाओं की जानकारी और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से तीन गांवों में “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर” आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 137 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 35 का निस्तारण स्थल पर ही किया गया।
उत्तराखंड सरकार समाज कल्याण योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की शिकायतें सुनकर उनका त्वरित समाधान किया जाता है और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।

06 नवम्बर 2025 को समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री स्तर के नेता देशराज कर्णवाल के नेतृत्व में ये शिविर आयोजित किए गए।
यह आयोजन विधानसभा झबरेड़ा के ब्लॉक रुड़की के ग्राम खड़खड़ी दयाला तथा ब्लॉक नारसन के भगतोवाली और शीतलपुर गांवों में हुआ।
- खड़खड़ी दयाला से – 62 शिकायतें
- भगतोवाली से – 55 शिकायतें
- शीतलपुर से – 20 शिकायतें
कुल 137 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 35 का निस्तारण स्थल पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया।
(अधिकारिक बयान)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देशराज कर्णवाल ने कहा –
“राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। विभाग द्वारा ऐसे बहुउद्देशीय शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना साकार हो सके।”
(स्थानीय प्रभाव)
शिविरों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्थानीय नागरिकों ने गांवों में तालाब के सौंदर्यकरण, स्वच्छता अभियान, और मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता पर चर्चा की।
सबसे अधिक शिकायतें राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, आधार कार्ड, पेंशन योजनाएं, और शौचालय निर्माण से जुड़ी रहीं।
इस आयोजन से ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी और आम जनता को सीधे अधिकारियों से संवाद का अवसर मिला।
पिछले कुछ महीनों में हरिद्वार जिले में आयोजित समाज कल्याण शिविरों में औसतन 100 से 120 शिकायतें दर्ज होती थीं, लेकिन इस बार यह संख्या 137 तक पहुँची — जो लोगों की बढ़ती जागरूकता और सरकारी योजनाओं पर भरोसे को दर्शाती है।

(समापन)
यह बहुउद्देशीय शिविर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य साबित हुआ। मौके पर कई समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीणों में संतोष झलका।
ऐसे शिविर समाज कल्याण योजनाओं की सफलता के साथ-साथ पारदर्शिता और सुशासन के उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
यह भी पढ़ें–हरिद्वार कोषागार में पेंशनर्स हेतु जागरूकता कार्यक्रम व स्वास्थ्य शिविर आयोजित
