नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार
चमोली जिला प्रशासन आगामी श्री नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 की तैयारियों में जुट गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बुधवार को यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और यात्री सुविधाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी की जाएंगी।
देवभूमि की आस्था से जुड़ी अनोखी यात्रा
नंदा देवी राजजात यात्रा उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं में से एक है। इसे ‘हिमालय की कुंभ यात्रा’ भी कहा जाता है। हर 12 वर्ष में एक बार आयोजित होने वाली यह यात्रा देवी नंदा के मायके से उनके ससुराल हिमालय की ऊँचाइयों तक जाती है। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक शामिल होते हैं।
राजजात यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी अभिन्न हिस्सा है।
लोहाजंग और मुंदोली में हुई बैठकें
जिलाधिकारी गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने वाण, लोहाजंग और मुंदोली ग्राम पंचायतों में पहुंचकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता के साथ बैठक की।
उन्होंने श्री लाटू देवता मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा की सफलता की कामना की और इसके बाद यात्रा मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीडीओ को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में आने वाले स्कूल, गेस्ट हाउस, पंचायत भवन और होमस्टे संपत्तियों की मैपिंग कर ली जाए ताकि यात्रियों के ठहरने की सुविधाएं तय की जा सकें।
साथ ही उन्होंने पार्किंग स्थलों के चिन्हिकरण, हेलीपैड से अप्रोच रोड, भंडारगृह की व्यवस्था और खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ को यात्रा अवधि के दौरान हेल्थ स्क्रीनिंग और अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था करने को भी कहा।
जिलाधिकारी और एसपी के निर्देश
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा,
“नंदा देवी राजजात यात्रा हमारी परंपरा और आस्था से जुड़ी है। इसे भव्य और सुरक्षित तरीके से संपन्न करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अस्थायी टेंट कॉलोनी, बिजली-पानी की आपूर्ति, और नेटवर्क कनेक्टिविटी की तैयारियां तय समय में पूरी करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि इस बार यात्रा में पहले से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और सीसीटीवी निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस चौकियों की स्थापना भी की जाएगी।
ग्रामीणों ने रखी विकास और सुविधा की मांगें
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने कई सुझाव रखे। ग्राम प्रधान वाण नंदुली देवी ने कहा कि वाण से आगे निर्जन पड़ावों पर यात्रियों की भीड़ रहती है, इसलिए भोजन, स्वास्थ्य, शौचालय, और पार्किंग की उचित व्यवस्था जरूरी है।
लोहाजंग और मुंदोली के व्यापारियों ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को सख्ती से लागू करने की मांग की।
स्थानीय निवासियों ने यात्रियों के लिए विश्राम गृह, बारात घर, बिजली, नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधा और भंडारा स्थल बनाने की प्राथमिकता बताई। उन्होंने कहा कि नंदा देवी उनके लिए “विकास की देवी” हैं, इसलिए होने वाले सभी निर्माण कार्य भविष्य में स्थायी और उपयोगी होने चाहिए।
पिछली यात्रा से सबक
पिछली नंदा देवी राजजात यात्रा (2014) के दौरान भीड़ प्रबंधन और सफाई व्यवस्था बड़ी चुनौती साबित हुई थी। इस बार प्रशासन ने पूर्व अनुभवों से सीख लेकर डिजिटल मॉनिटरिंग, GPS ट्रैकिंग और हेल्थ कैंप्स जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल करने की योजना बनाई है।
प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा में लगभग 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके लिए मार्ग पर हर 5 किलोमीटर पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता केंद्र और स्वच्छता दल तैनात रहेंगे।
जनसहभागिता से सफल होगा आयोजन
ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत ने कहा कि नंदा देवी राजजात एक सामूहिक आयोजन है, जिसकी सफलता सभी ग्रामवासियों और प्रशासनिक टीम के सहयोग पर निर्भर करती है।
डीएम गौरव कुमार ने भी कहा कि स्थानीय जनता के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि यह यात्रा न केवल सुरक्षित बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हो।
यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक एकता और स्वच्छ पर्यटन की मिसाल भी बनेगी।
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