“हरिद्वार पुलिस ने राजमिस्त्री हत्या मामले में आरोपी मजदूर सतेन्द्र को गिरफ्तार किया।”
हरिद्वार पुलिस ने एक राजमिस्त्री की हत्या का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या का कारण शराब के पैसों को लेकर हुआ विवाद था। आरोपी और मृतक दोनों साथ में मजदूरी का काम करते थे और घटना के दिन आपसी झगड़े के बाद यह वारदात हुई।
मामूली विवाद से शुरू हुई जानलेवा दुश्मनी
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर निवासी रामनिवास, हरिद्वार में एक निर्माणाधीन मकान में राजमिस्त्री का काम करता था।
14 अक्टूबर 2025 को उसकी निर्माण स्थल के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
मृतक के भाई नारद ने कोतवाली नगर हरिद्वार में शिकायत दर्ज कर हत्या की आशंका जताई थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जल्द ही घटना का रहस्य उजागर कर दिया।
ईनाम के पैसों को लेकर बढ़ा झगड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक रामनिवास और आरोपी सतेन्द्र पुत्र सोहनवीर (उम्र 61 वर्ष, निवासी मेरठ, हाल पता हरिहर चौक के पास, सप्तऋषि, हरिद्वार) दोनों साथ में राजमिस्त्री का काम करते थे।
14 अक्टूबर को ठेकेदार ने दोनों को अच्छे काम के लिए 500 रुपये का ईनाम दिया था, जिसमें मृतक को 300 और सतेन्द्र को 200 रुपये मिले।
दोनों ने रायवाला में शराब पी, और लौटने के बाद पैसों को लेकर बहस शुरू हो गई।
झगड़ा इतना बढ़ गया कि सतेन्द्र ने गुस्से में आकर रामनिवास की हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार,
“शराब के नशे और पैसों के विवाद ने दो साथ काम करने वाले मजदूरों के बीच ऐसा तनाव पैदा किया कि एक की जान चली गई।”
टीम ने 22 दिन बाद सुलझाया मामला
कोतवाली नगर पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मु0अ0स0 737/25, धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने सुराग और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सतेन्द्र को 5 नवम्बर 2025 को बन्धा रोड, हरिद्वार से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली।
“” (पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान जोड़े जाने हेतु स्थान)।
पुलिस ने बताई वारदात की पूरी कहानी
पुलिस टीम ने बताया कि आरोपी ने कबूल किया कि वह और मृतक लंबे समय से साथ काम कर रहे थे।
शराब पीने और पैसों के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में उसने गुस्से में आकर हत्या कर दी।
प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
(आरोपी की जानकारी):
- नाम: सतेन्द्र पुत्र सोहनवीर
- उम्र: 61 वर्ष
- स्थायी पता: ग्राम खटकी, थाना परिक्षितगढ़, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश
- वर्तमान पता: हरिहर चौक के पास, सप्तऋषि, हरिद्वार
- पेशा: राजमिस्त्री
- प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह
- व0उ0नि0 नन्दकिशोर ग्वाडी
- उ0नि0 अंशुल अग्रवाल
- हे0कां0 गुलशन नेगी
- कां0 सुशील कोठियाल
हरिद्वार में मजदूर वर्ग में बढ़ते विवाद के मामले
हरिद्वार जैसे शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के बीच विवाद और हिंसा के मामलों में पिछले एक साल में वृद्धि देखी गई है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में ऐसे 12 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें ज्यादातर शराब पीने और पैसों के विवाद से जुड़े थे।
यह मामला भी उसी प्रवृत्ति का हिस्सा है जहाँ नशे और गुस्से के चलते एक साधारण बहस जानलेवा बन गई।
मजदूर वर्ग में भय और जागरूकता की जरूरत
इस घटना के बाद स्थानीय मजदूरों में भय और चिंता का माहौल है।
कई ठेकेदारों ने कहा कि श्रमिकों को शराब से दूर रहने और विवाद निपटारे के लिए संवाद बढ़ाने की ज़रूरत है।
समाजसेवी संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए काउंसलिंग और नशामुक्ति अभियान चलाना जरूरी है।
छोटी बात से बड़ी त्रासदी – सबक समाज के लिए
हरिद्वार की यह घटना दिखाती है कि मामूली आर्थिक विवाद और नशे की आदत किस तरह एक जिंदगी को खत्म कर सकती है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन यह समाज के लिए संयम और समझदारी का सबक छोड़ जाती है।
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