"हरिद्वार पुलिस टीम द्वारा कार्तिक पूर्णिमा से पहले हरकी पैड़ी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए"
हरिद्वार पुलिस ने कार्तिक पूर्णिमा स्नान से पहले सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। सिडकुल थाना पुलिस ने दो वारंटियों को गिरफ्तार किया, वहीं हरकी पैड़ी क्षेत्र से पुलिस ने 25 भिक्षुकों को पकड़कर भिक्षुक गृह भेजा।
धार्मिक नगरी हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती के चलते पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क रहता है।
सिडकुल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण और वारंटियों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता में है। वहीं, हरकी पैड़ी जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सिडकुल पुलिस की कार्रवाई — दो वारंटी गिरफ्तार
सिडकुल थाना पुलिस ने सोमवार को वारंट जारी होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
थाना प्रभारी (एसओ) नितेश शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप पुत्र मांगे राम निवासी रावली महदूद थाना सिडकुल और गुलाम साबिर पुत्र सलीम निवासी महमूदपुर थाना कलियर के रूप में हुई है।
संदीप के खिलाफ आबकारी अधिनियम से जुड़ा मामला दर्ज था, जबकि गुलाम साबिर पर मारपीट का मुकदमा चल रहा था। दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट द्वारा वारंट जारी किए गए थे।
एसओ शर्मा ने बताया कि पुलिस लगातार ऐसे वारंटियों की धरपकड़ कर रही है जो लंबे समय से फरार चल रहे हैं। जल्द ही बाकी वारंटियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी।
हरकी पैड़ी पर भिक्षुकों के खिलाफ अभियान
कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार पुलिस ने रविवार शाम को हरकी पैड़ी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया।
इस दौरान चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर रितेश शाह के नेतृत्व में पुलिस ने 25 भिक्षुकों को पकड़कर भिक्षुक गृह भेजा।
पुलिस का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भिक्षावृत्ति के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा होती है और असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी बनी रहती है।
इंस्पेक्टर शाह ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि हरकी पैड़ी और आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे।
(अधिकारिक बयान)
एसओ नितेश शर्मा ने कहा, “सिडकुल क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी है। हमारा उद्देश्य है कि किसी भी फरार आरोपी को कानून से बचने का मौका न मिले।”
वहीं, इंस्पेक्टर रितेश शाह ने बताया, “कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।”
(स्थानीय प्रभाव)
इन कार्रवाइयों से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
सिडकुल क्षेत्र में वारंटियों की गिरफ्तारी से औद्योगिक इकाइयों और श्रमिकों के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। वहीं, हरकी पैड़ी क्षेत्र में भिक्षुकों को हटाने से स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और पर्यटक अनुभव में भी सुधार आएगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की यह सख्ती त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और शहर की छवि सुधारने में मदद करेगी।
(पुरानी घटनाओं से तुलना)
पिछले वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा स्नान से पहले हरिद्वार पुलिस ने लगभग “” भिक्षुकों को पकड़ा था और “” वारंटियों को गिरफ्तार किया गया था।
इस वर्ष प्रशासन ने स्नान पर्व से पहले ही सक्रियता दिखाते हुए 25 भिक्षुकों और 2 वारंटियों पर कार्रवाई की, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक त्वरित और प्रभावी मानी जा रही है।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, स्नान पर्वों के दौरान अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन में पिछले दो वर्षों में लगभग 20% सुधार देखा गया है।
(समापन)
हरिद्वार में पुलिस की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि प्रशासन कार्तिक पूर्णिमा स्नान जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिडकुल क्षेत्र में वारंटियों की गिरफ्तारी और हरकी पैड़ी पर भिक्षुकों के खिलाफ अभियान न केवल कानून व्यवस्था मजबूत करेगा, बल्कि शहर की स्वच्छता और धार्मिक गरिमा को भी बनाए रखेगा।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
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