रुड़की पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने पर युवक को गिरफ्तार किया।
हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सड़क पर शोर-शराबा कर लोगों को परेशान कर रहा था। पुलिस की कई बार समझाने के बावजूद युवक नहीं माना, जिसके बाद उसे हिरासत में लेना पड़ा।
शहर में बढ़ती अशांति की घटनाएं चिंता का विषय
रुड़की शहर में हाल के महीनों में सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा, झगड़ा या उपद्रव की घटनाएँ बढ़ी हैं। पुलिस द्वारा लगातार गश्त और सतर्कता के बावजूद कुछ लोग कानून तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसी घटनाएँ न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती हैं।
कहाँ और कैसे हुआ हंगामा
दिनांक 01 नवंबर 2025 को कंट्रोल रूम 112 पर सूचना मिली कि रुड़की शहर की सड़कों पर एक व्यक्ति जोर-जोर से चिल्ला रहा है और शांति भंग कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची। वहां पाया गया कि व्यक्ति उत्तेजित अवस्था में सड़क के बीचोंबीच शोर मचा रहा था। पुलिस ने पहले उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना और और अधिक उत्तेजित हो गया।
आरोपी ने इतना आक्रामक व्यवहार किया कि खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी देने लगा। ऐसे में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170 BNSS (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया पूरी कार्यवाही का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान सावेज पुत्र इरशाद, निवासी गली नंबर 4, इस्लामनगर रुड़की के रूप में हुई है।
घटना स्थल पर तैनात पुलिस टीम में शामिल अधिकारी —
- सी. ईतेंद्र ध्यानी
- एचजी रागिब अली
पुलिस प्रवक्ता ने बताया —
“कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुँची। आरोपी को कई बार समझाया गया, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। उसकी हरकतों से सार्वजनिक शांति भंग हो रही थी, इसलिए उसे विधिक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है।”
राहगीर और स्थानीय नागरिकों में दहशत
घटना के दौरान सड़क पर अचानक हंगामा होने से आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई।
कई राहगीरों ने बताया कि युवक काफी देर तक सड़क पर चिल्लाता रहा, जिससे यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित हुआ।
स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि ऐसे मामलों से बाज़ार में असुरक्षा की भावना फैलती है और ग्राहकों की संख्या भी प्रभावित होती है।
एक दुकानदार ने कहा —
“अचानक सड़क पर चिल्लाने-झगड़ने की घटनाएँ अब आम होती जा रही हैं। पुलिस को गश्त और बढ़ानी चाहिए ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें।”
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गिरफ्तारियां
रुड़की में शांति भंग या हंगामा करने के मामलों में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
पिछले महीने ही पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में तीन युवकों को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार किया था।
पुलिस विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस साल अब तक 15 से अधिक लोग सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं।
यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है, जो बताता है कि पुलिस को अब सख्त और निरंतर कार्रवाई करनी होगी। धारा 170 BNSS (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) का संबंध उन मामलों से है जहाँ कोई व्यक्ति सार्वजनिक शांति भंग करता है या आत्मघाती, आक्रामक या हिंसक व्यवहार करता है।
इस धारा के अंतर्गत पुलिस को अधिकार होता है कि वह ऐसे व्यक्ति को तत्काल हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश करे, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।
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