बहादराबाद युवा महोत्सव 2025 में पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत करते युवा कलाकार।
हरिद्वार के बहादराबाद विकासखण्ड में आयोजित ब्लॉक स्तरीय युवा महोत्सव 2025 में स्थानीय युवाओं ने अपनी कला, संस्कृति और रचनात्मकता से सभी का दिल जीत लिया। उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतिभागियों ने लोकनृत्य, लोकगीत, कविता, भाषण और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
युवा शक्ति को मंच देने की परंपरा
युवा कल्याण विभाग, हरिद्वार हर वर्ष युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक स्तर पर युवा महोत्सवों का आयोजन करता है।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल कला-संस्कृति को जीवित रखना है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देना है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत आयोजित युवा महोत्सव-2025 इस परंपरा का एक और सफल अध्याय रहा।
बहादराबाद में सजा कला और संस्कृति का संगम

कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, बहादराबाद (हरिद्वार) में किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया।
इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं—लोकनृत्य (सामूहिक), लोकगीत (सामूहिक), कहानी लेखन, चित्रकला, भाषण और कविता लेखन स्पर्धाओं—का आयोजन हुआ।
विकासखण्ड बहादराबाद के कई विद्यालयों व युवा समूहों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उपहार स्वरूप सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने सराहा युवाओं का उत्साह

इस अवसर पर क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी श्री सोनू कुमार ने बताया कि,
“युवा महोत्सव न केवल कला प्रदर्शन का मंच है, बल्कि यह युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना को भी मजबूत करता है।”
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित खंड विकास अधिकारी मानस मित्तल ने कहा कि युवाओं को ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय की आचार्य मिनाक्षी सिंह, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी अनिल कुमार (रुड़की), विक्रांत चौधरी (भगवानपुर), पीआरडी ब्लॉक कमांडर रामकुमार और हल्का सरदार सुशील गिरि सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जागरूकता

कार्यक्रम का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रभाव देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों से आए प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास झलक रहा था।
अभिभावकों और शिक्षकों ने भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में टीम भावना और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
स्थानीय विद्यालयों ने अगले वर्ष अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने की घोषणा की है।
इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को बल मिला।
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी भागीदारी
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में की वृद्धि दर्ज की गई।
जहाँ 2024 में सीमित विद्यालयों ने भाग लिया था, वहीं इस बार 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थान और स्वयंसेवी संगठन शामिल हुए।
यह बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति अधिक जागरूक और उत्साही हो रहे हैं।
संस्कृति और सृजनशीलता का संगम बना बहादराबाद युवा महोत्सव
बहादराबाद में संपन्न यह युवा महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और युवाओं की ऊर्जा का प्रतीक बन गया।
ऐसे आयोजनों से न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा में प्रेरित भी करता है।
आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि आगामी वर्ष में भी यह कार्यक्रम और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।
