हरिद्वार में महंत रविंद्र पुरी महाराज से आशीर्वाद लेतीं भजन गायिका अनुराधा पौडवाल।
सुप्रसिद्ध भजन गायिका पद्मश्री अनुराधा पौडवाल हरिद्वार पहुंचीं और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों ने भक्ति संगीत, सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर गहन चर्चा की।
भक्ति संगीत और हरिद्वार का गहरा रिश्ता
हरिद्वार, जिसे “देवभूमि का द्वार” कहा जाता है, सदियों से आध्यात्मिकता और भक्ति संगीत का केंद्र रहा है। देश-विदेश से संत, साधु और कलाकार यहां आकर गंगा माता की आराधना और धार्मिक संवाद करते हैं।
भक्ति संगीत ने सदैव समाज को जोड़ने, मानवता और ईश्वर के प्रति प्रेम जगाने में अहम भूमिका निभाई है।
अनुराधा पौडवाल, जिन्होंने “जय अम्बे गौरी”, “मेरे मन मंदिर बसो” और “श्रीराम जय राम जय जय राम” जैसे सैकड़ों भजनों से भक्ति की नई परिभाषा गढ़ी, उन्हीं परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए हरिद्वार पहुंचीं।
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में हुई भेंट
दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को भजन सम्राज्ञी अनुराधा पौडवाल ने पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी, हरिद्वार में श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज से भेंट की।
महंत जी ने उन्हें माता की चुनरी और गंगा माता की पावन मूर्ति भेंट कर विशेष आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर आध्यात्मिक माहौल में दोनों के बीच सनातन धर्म, भक्ति परंपरा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई।
श्रद्धालुओं में प्रसन्नता, हरिद्वार में भक्ति का माहौल
अनुराधा पौडवाल की हरिद्वार यात्रा से श्रद्धालुओं में उल्लास का माहौल देखने को मिला।
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों ने इस मुलाकात को धार्मिक समरसता का प्रतीक बताया।
कई स्थानीय कलाकारों और साधु-संतों ने इसे भक्ति संगीत को बढ़ावा देने वाली ऐतिहासिक भेंट कहा।
आध्यात्मिक सहयोग से बढ़ रहा सांस्कृतिक प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में हरिद्वार में से अधिक भक्ति एवं सांस्कृतिक आयोजन हुए हैं, जिनमें प्रसिद्ध संतों और कलाकारों की सहभागिता रही।
ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय युवाओं ने भी भक्ति संगीत की ओर रुझान दिखाया है।
यह दर्शाता है कि भक्ति संगीत, संस्कृति और श्रद्धा का संगम समाज को एक नई दिशा दे रहा है।
भक्ति संगीत से संस्कृति संरक्षण की दिशा में पहल
अनुराधा पौडवाल और महंत रविंद्र पुरी महाराज की भेंट केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और भक्ति परंपरा के संरक्षण का सशक्त संदेश है।
भक्ति संगीत की ऊर्जा और संतों के आशीर्वाद से समाज में सकारात्मकता, श्रद्धा और एकता का प्रसार होता है।
हरिद्वार की यह भेंट आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति और भक्ति के संगम की प्रेरणा देती है।
