“हरिद्वार में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनभागीदारी दृश्य।”
हरिद्वार में 25वें राज्य स्थापना दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 2 से 9 नवंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान, योग महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पदयात्राओं सहित अनेक आयोजन तय किए गए।
रजत जयंती वर्ष का भव्य आयोजन
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला आपदा प्रबंधन सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य निर्माण की रजत जयंती को ऐतिहासिक और जनसहभागिता वाला पर्व बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, बल्कि जनहित से जुड़े अभियानों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
डीएम ने कहा कि 2 से 9 नवंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य शिविर, सिंगल-यूज़ पॉलीथिन पर रोक और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत जैसे कार्य प्रमुख रहेंगे।
“हर कार्यक्रम में जनभागीदारी हो और उत्तराखंड की संस्कृति, कला और लोक परंपरा का उत्कृष्ट प्रदर्शन हो,” – मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार
कार्यक्रमों की रूपरेखा: हर दिन कुछ खास
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने बताया कि रजत जयंती सप्ताह (2–9 नवंबर 2025) के दौरान हरिद्वार में कई तरह के कार्यक्रम होंगे।
2 नवंबर – योग और स्वच्छता महोत्सव
योग सत्रों के साथ स्वच्छता जागरूकता अभियान की शुरुआत होगी।
3 नवंबर – स्वदेशी से आत्मनिर्भरता
इस दिन स्कूल और कॉलेज स्तर पर निबंध प्रतियोगिता होगी, जिसमें छात्रों को “स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत” विषय पर विचार प्रस्तुत करने होंगे।
4 नवंबर – प्रकृति और कौशल दिवस
झिलमिल झील में वर्ल्ड वॉचिंग कार्यक्रम, “मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ” अभियान और रुड़की में कयाकिंग स्पर्धा आयोजित की जाएगी। उद्योग विभाग स्किल इंडिया व रोजगार मेले का भी आयोजन करेगा।
5 नवंबर – युवा महोत्सव और फिटनेस रैली
युवा महोत्सव, हॉकी मैच, साइकिल रैली (CCR से चीला तक) और फिट इंडिया क्रॉस कंट्री रेस आयोजित की जाएगी।
6 नवंबर – संत सम्मेलन और गीता पाठ
राज्य स्तरीय संत सम्मेलन के साथ विभिन्न ब्लॉकों में गीता एवं मानस प्रतियोगिताएँ होंगी।
7 नवंबर – किसान सम्मेलन और क्रेडिट कैंप
कृषि गोष्ठी, किसान सम्मेलन और योजनाओं के क्रेडिट कैंप हरिद्वार सहित सभी विकासखंडों में होंगे।
8 नवंबर – कवि सम्मेलन और मेहंदी प्रतियोगिता
स्थानीय कवियों, कलाकारों और महिलाओं की भागीदारी वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
9 नवंबर – मुख्य समारोह ऋषिकुल में
राज्य स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम ऋषिकुल परिसर में आयोजित होगा, जिसमें राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सम्मान समारोह होंगे।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर पदयात्रा और नशा मुक्ति शपथ
जिलाधिकारी ने बताया कि 31 अक्टूबर को हरिद्वार में, 8 नवंबर को लक्सर–खानपुर में और 13 नवंबर को भगवानपुर–रुड़की में 8–10 किमी लंबी पदयात्राएँ आयोजित की जाएंगी।
इन अवसरों पर नशा मुक्ति अभियान की शपथ दिलाई जाएगी और जनता से “#Sardar150” तथा “एक भारत आत्मनिर्भर भारत” जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की गई।
जनसहभागिता और स्थानीय उत्पादों पर जोर
डीएम ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाएँ ताकि “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा मिले।
इसके साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान भी समारोह का हिस्सा होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास या लोकार्पण होना है, उनकी सूची समय रहते तैयार की जाए।
जनजागरण और पर्यटन को नई दिशा
हरिद्वार प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिलेगी।
स्वच्छता अभियान से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और रोजगार मेलों से युवाओं को अवसर प्राप्त होंगे।
पुरानी परंपरा, नया उत्साह
उत्तराखंड राज्य की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। अब 25 वर्षों बाद यह रजत जयंती उत्सव न केवल उपलब्धियों की समीक्षा का अवसर देगा, बल्कि जनता को “नए उत्तराखंड” के निर्माण की प्रेरणा भी देगा।
जनभागीदारी से सफल होगा रजत जयंती पर्व
राज्य स्थापना की यह रजत जयंती केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन की भागीदारी वाला उत्सव बनने जा रहा है।
स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव के संदेशों के साथ यह सप्ताह उत्तराखंड की नई पहचान गढ़ने का प्रतीक बनेगा।
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