“ऋषिकेश में शराब के ठेके के बाहर युवक की हत्या के बाद जाम लगाते स्थानीय लोग”
ऋषिकेश के खारा स्रोत क्षेत्र में देर रात शराब के ठेके के बाहर दो युवकों के बीच झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक ने दूसरे पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड में हाल के वर्षों में शराब के ठेकों के आसपास झगड़े और हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं। शराब सेवन के दौरान या उससे संबंधित विवाद अक्सर स्थानीय तनाव और अपराध की जड़ बन जाते हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा समय-समय पर अवैध शराब, नशाखोरी और इससे जुड़े अपराधों पर सख्ती की जाती है, फिर भी ऐसे मामलों पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है।
ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों में इस तरह की घटनाएँ स्थानीय समाज में असंतोष और आक्रोश का कारण बनती हैं।
घटना का पूरा विवरण
घटना 25 अक्टूबर की देर रात की है जब खारा स्रोत क्षेत्र में अंग्रेजी शराब के ठेके के पास दो युवकों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि शीशम झड़ी निवासी एक युवक ने अपने ही पड़ोसी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान अजेंद्र कंडारी के रूप में हुई है, जो नगर पंचायत तपोवन और मुनि की रेती क्षेत्र के होटलों व ढाबों में मीट सप्लाई का काम करता था। बताया गया कि वह देर रात ठेके के आसपास संचालित ठेलियों और खोखों से उधार के पैसे लेने गया था। इसी दौरान आरोपी युवक से किसी पैसे के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई जो हत्या में बदल गई।
थाना मुनि की रेती पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मृतक का शव एम्स ऋषिकेश की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अधिकारिक बयान
थाना मुनि की रेती पुलिस के अनुसार,
“दोनों युवकों के बीच पुराना पैसे का विवाद था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय असर
घटना के बाद खारा स्रोत और आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया। रविवार सुबह मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने बदरीनाथ राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात कई घंटे तक ठप रहा।
लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शराब का ठेका बंद करने की मांग की।
नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजलवान भी मौके पर पहुँचीं और उन्होंने ठेके के आसपास लगे खोखे और ठेलियों को हटाने के निर्देश दिए।
पुलिस टीम लगातार मौके पर मौजूद रही, लेकिन परिजन देर तक अपनी मांगों पर अड़े रहे।
तुलनात्मक दृष्टि
ऋषिकेश और हरिद्वार जिले में पिछले एक वर्ष में शराब के ठेकों के पास हुए विवादों में से अधिक घटनाएँ दर्ज की गई हैं।
इनमें से कई मामलों में पैसे के लेनदेन, नशे में झगड़ा या पुरानी रंजिश कारण बताई गई।
राज्य सरकार ने पहले भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठेकों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने और समय-सीमा नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर सख्ती की अभी और जरूरत है।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की। देर शाम तक जाम हटाने के प्रयास जारी रहे।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि ठेके के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।
ऋषिकेश में हुई यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि नशे और हिंसा की प्रवृत्तियाँ किस तरह से जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और हिंसक घटनाओं को रोका जा सके।
