“हरिद्वार सिडकुल पुलिस द्वारा सट्टेबाज को गिरफ्तार करते हुए”
हरिद्वार पुलिस ने जुआ अधिनियम के तहत एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए सट्टा खाईबाड़ी में लिप्त युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सिडकुल थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से सट्टा बुक और ₹1500 की नकदी बरामद की।
हरिद्वार जिले में समय-समय पर पुलिस द्वारा जुआ और सट्टे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सट्टेबाजी जैसे अपराध समाज में नशे, अपराध और वित्तीय नुकसान का कारण बनते हैं। पुलिस का यह अभियान न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह जनता को कानून का पालन करने की जागरूकता भी देता है।
(घटना का विवरण):
26 अक्टूबर 2025 की रात सिडकुल थाना पुलिस टीम रात्रि चेकिंग और शांति व्यवस्था ड्यूटी पर थी। इसी दौरान पाल मार्केट, रावली महदूद क्षेत्र में पुलिस ने एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। पूछताछ और तलाशी में पाया गया कि वह सट्टे की खाईबाड़ी कर रहा था।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान विकास कुमार पुत्र धर्मवीर, निवासी सुंदर नगर कंकरखेड़ा, जनपद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई, जो फिलहाल काला गेट, सिडकुल, हरिद्वार में रह रहा था।
मौके से पुलिस ने ₹1500 नकद और सट्टा बुक एवं पेन बरामद किए।
इस मामले में थाना सिडकुल पर मुकदमा अपराध संख्या 544/25, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत विकास कुमार के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।
(अधिकारिक बयान):
पुलिस सूत्रों के अनुसार, “सट्टे और जुए के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
(स्थानीय प्रभाव):
सिडकुल क्षेत्र हरिद्वार का एक औद्योगिक इलाका है जहाँ बड़ी संख्या में कर्मचारी और मजदूर रहते हैं। ऐसे में सट्टेबाजी जैसी गतिविधियाँ न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि सामाजिक माहौल को भी प्रभावित करती हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।
(तुलना या आँकड़े):
हरिद्वार पुलिस द्वारा हाल के महीनों में सट्टेबाजी के कई मामलों में कार्रवाई की गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अवैध जुआ और सट्टे के मामलों में लगभग की बढ़ोतरी/कमी दर्ज की गई है।सिडकुल पुलिस की यह कार्रवाई हरिद्वार पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। पुलिस का कहना है कि जनता भी इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत दे, ताकि शहर को अपराध मुक्त बनाया जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सट्टेबाजी न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी नुकसान पहुँचाती है।
