रुड़की फायर स्टेशन की टीम हरिद्वार रोड स्थित ढाबे में लगी आग पर काबू पाते हुए।
हरिद्वार रोड स्थित एक ढाबे में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फायर स्टेशन रुड़की की टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आगजनी की घटनाओं पर सतर्क है रुड़की फायर सर्विस
रुड़की और आसपास के इलाकों में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और ढाबों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। खुले सिलेंडर कनेक्शन, विद्युत शॉर्ट सर्किट और असावधानी अक्सर ऐसे हादसों की वजह बनते हैं।
फायर स्टेशन रुड़की लगातार आग से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि व्यापारी वर्ग सुरक्षा मानकों का पालन कर सके।

हरिद्वार रोड के ढाबे में अचानक भड़की आग
मंगलवार की शाम फायर स्टेशन रुड़की को सूचना मिली कि थाना सिविल लाइन क्षेत्र के अंतर्गत हरिद्वार रोड, श्रीराम रेजीडेंसी के पास एक ढाबे में अचानक आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल टीम ने हाई प्रेशर वाहन और आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य शुरू किया।
दमकल कर्मियों ने होज रील फैलाकर आग पर काबू पाया और ढाबे को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया।
हालांकि आग की लपटों में ढाबे में रखा इलेक्ट्रॉनिक कांटा, कुर्सियाँ, मेज़, गैस पाइप, रेगुलेटर और अन्य सामान जलकर राख हो गया।
ढाबे की छत की टिन चादरें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
सौभाग्य से, घटना में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

मौके पर मौजूद रही दमकल टीम
आग बुझाने में फायर स्टेशन रुड़की की टीम ने तेजी और दक्षता का परिचय दिया। मौके पर शामिल अधिकारी और कर्मचारी थे —
- लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा
- चालक नरेंद्र सिंह तोमर
- फायरमैन हरिश्चंद्र राणा
- फायरमैन दिनेश चौहान
सभी कर्मियों ने आग पर नियंत्रण पाने के लिए उच्च दबाव वाले पानी के छिड़काव का प्रयोग किया और आस-पास की इमारतों को सुरक्षित रखा।
आधिकारिक बयान
फायर स्टेशन रुड़की के एक अधिकारी ने बताया —
“सूचना मिलते ही हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ढाबे में लगी आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। कोई जनहानि नहीं हुई है, और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।”

राहत की सांस, सुरक्षा पर बढ़ा ध्यान
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। यदि टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो आग आसपास के ढाबों और दुकानों तक फैल सकती थी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और गैस पाइपलाइन जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई व्यापारी अब अपने प्रतिष्ठानों में फायर एक्सटिंग्विशर लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
आँकड़े और तुलना
फायर विभाग के अनुसार, रुड़की क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं इस वर्ष दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें अधिकांश मामले रसोई गैस रिसाव और विद्युत शॉर्ट सर्किट से जुड़े हैं।
पिछले वर्ष की तुलना में घटनाओं में की कमी आई है, जिसका श्रेय फायर सर्विस के प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों को दिया जा रहा है।
रुड़की फायर स्टेशन की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। यह घटना आग से सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश है। आम जनता और व्यापारी वर्ग को चाहिए कि वे गैस कनेक्शन, विद्युत तारों और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच करें ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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