हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ टीम मॉक ड्रिल के दौरान भगदड़ की स्थिति में राहत कार्य करते हुए।
त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए जीआरपी हरिद्वार द्वारा रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण की मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
इस अभ्यास में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न की गई, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु और छह लोग घायल हो गए।
घायलों का जिला अस्पताल हरिद्वार में उपचार जारी है, जबकि सीओ स्वप्निल मुयाल ने मौके पर राहत कार्यों की कमान संभाली।

त्योहारों में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी
आगामी त्योहारी सीजन जैसे दीपावली, छठ पूजा और गुरु पर्व को देखते हुए हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ की संभावना रहती है।
ऐसे में पुलिस, रेलवे और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित की जाती है ताकि आकस्मिक स्थितियों से निपटने की तैयारी को परखा जा सके।
जीआरपी हरिद्वार की यह मॉक ड्रिल इसी तैयारी का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, राहत और बचाव कार्यों की तत्परता की जांच करना था।
इस भगदड़ में कई लोग दब गए।
राहत कार्य शुरू होते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया।इस भगदड़ में कई लोग दब गए।
राहत कार्य शुरू होते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया।
सीओ स्वप्निल मुयाल ने संभाली कमान
घटना के तुरंत बाद सीओ रेलवेज स्वप्निल मुयाल स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा —
“यह मॉक ड्रिल त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित की गई थी। इसमें सभी विभागों की तत्परता और आपसी समन्वय की जांच की गई है।”
सूचना मिलते ही आरपीएफ, जनपद पुलिस, फायर टेंडर, आपदा प्रबंधन, 108 एम्बुलेंस टीम और रेलवे विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
ड्रिल में एक व्यक्ति की काल्पनिक मृत्यु और छह के घायल होने की स्थिति बनाई गई।

आपात स्थिति से निपटने का वास्तविक अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक जैसी स्थिति बनने पर रेलवे स्टेशन के यात्रियों में हल्की दहशत जरूर दिखी, लेकिन अधिकारियों ने पूरे संयम के साथ भीड़ को नियंत्रित किया।
फायर टेंडर टीम और एम्बुलेंस ने घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
ड्रिल के दौरान घायल बताए गए व्यक्तियों में चार महिलाएँ और दो पुरुष शामिल थे, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई।
घटनास्थल को कॉर्डन टेप लगाकर सुरक्षित किया गया और फिंगरप्रिंट टीम (FSL) के लिए तैयार रखा गया।
वहीं यात्रियों के बिखरे सामान को टैगिंग कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
पहले भी हुई हैं ऐसी तैयारियाँ
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर हर वर्ष त्योहारी सीजन से पहले भीड़ नियंत्रण अभ्यास किया जाता है।
पिछले वर्ष (2024) में भी इसी तरह की मॉक ड्रिल में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए थे।
इस बार ड्रिल को और अधिक यथार्थवादी बनाने के लिए इसमें वास्तविक ट्रेन मूवमेंट और यात्रियों की भागीदारी जोड़ी गई, ताकि आपात स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम का सही मूल्यांकन किया जा सके।

त्योहारों में सुरक्षा को लेकर प्रशासन सजग
हरिद्वार पुलिस और रेलवे प्रशासन की इस मॉक ड्रिल से यह साफ है कि प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन, भगदड़ नियंत्रण और आपदा राहत कार्यों को और मजबूत किया जा रहा है।
जनता से भी अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य और अनुशासन बनाए रखें तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
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