मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में राजस्व परिषद के नव-चयनित सहायक समीक्षा अधिकारियों और समीक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है।
सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता बनी सरकार की पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि “पारदर्शिता और मेरिट हमारी भर्ती प्रक्रिया की पहचान है। सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को अभियान के रूप में जारी रखा है और आगे भी इसे पूरी निष्पक्षता से चलाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले नियुक्ति पत्र पाना इन अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए खुशी का अवसर है। मुख्यमंत्री ने सभी नव-नियुक्तों और उनके परिवारजनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“आप सबको याद रखना चाहिए कि सरकारी सेवा जनता की सेवा है। निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सीएम का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी। रिक्त पदों को भरने के लिए अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को रोजगार मिला।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम धामी ने हरिद्वार परीक्षा प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि “जब परीक्षा में अनियमितता की शिकायत मिली, तो तत्काल आरोपी को गिरफ्तार किया गया, एसआईटी गठित की गई और छात्रों की मांग पर सीबीआई जांच की संस्तुति की गई।” यह कदम पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्य में निष्ठा और पारदर्शिता का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद को केवल अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में “सरलीकरण, समाधान और गति” लाना जरूरी है ताकि जनता को समय पर सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने और जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव एस.एन. पांडे, अपर सचिव रंजना राजगुरु और राजस्व परिषद के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
युवाओं के लिए बढ़ते अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। आने वाले समय में और भी विभागों में भर्ती प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।
के अनुसार, राज्य में सरकारी नौकरियों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे बेरोजगारी दर में कमी दर्ज की गई है।
स्थानीय असर और जनभावना
इस आयोजन से युवाओं में उत्साह देखा गया। नव-नियुक्त अधिकारियों के परिवारजनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को राज्य सरकार की “युवा-केंद्रित नीति” की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की पारदर्शी भर्ती नीति ने युवाओं के बीच विश्वास का माहौल बनाया है।
पिछली भर्तियों से बेहतर व्यवस्था
पहले जहां भर्तियों में देरी और अनियमितता की शिकायतें आम थीं, वहीं अब प्रक्रियाएं तेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं।
के अनुसार, राज्य में पिछले वर्ष की तुलना में 35% अधिक भर्तियां की गई हैं, जो सरकार की कार्यकुशलता को दर्शाती हैं।
युवाओं को मिली नई ऊर्जा और उम्मीद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कार्यक्रम न केवल नई नियुक्तियों का प्रतीक है, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार भी करता है।
सरकार की यह पारदर्शी भर्ती नीति आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को रोजगार के नए अवसरों की दिशा में अग्रसर करेगी।
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