“हरिद्वार में साइबर क्राइम सेल टीम द्वारा छात्रों को साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जा रही है।”
हरिद्वार में साइबर क्राइम सेल टीम ने डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन अपराधों को देखते हुए छात्रों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। बीएचईएल राजकीय इंटर कॉलेज और वंदना कटारिया स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 650 से अधिक छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए।
बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने की जरूरत

देशभर में डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी के साथ साइबर अपराधों के मामले भी चिंताजनक स्तर तक पहुँच चुके हैं। बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और फेक वेबसाइट्स के जरिए ठगी के कई मामले रोजाना सामने आते हैं। हरिद्वार जिला पुलिस भी लगातार ऐसे मामलों से निपटने और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है।
स्कूल और स्टेडियम में चला जागरूकता अभियान
दिनांक 16 अक्टूबर 2025 को साइबर क्राइम सेल, हरिद्वार की टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज, बीएचईएल में करीब 250 छात्र-छात्राओं और वंदना कटारिया स्टेडियम, हरिद्वार में खेल प्रशिक्षण ले रहे लगभग 400 युवाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी।
टीम ने छात्रों को हाल ही में सामने आए साइबर फ्रॉड के ताजातरीन मामलों के उदाहरण देकर समझाया कि कैसे अनजाने लिंक पर क्लिक करना या निजी जानकारी साझा करना भारी नुकसान पहुँचा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पंपलेट वितरित किए गए और सार्वजनिक स्थानों पर साइबर जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सतर्क रह सकें।
पुलिस का संदेश – “सोच-समझकर करें क्लिक”
साइबर क्राइम सेल हरिद्वार के एक अधिकारी ने कहा,
“हमारा उद्देश्य युवाओं को समय रहते जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी डिजिटल ठगी का शिकार न बनें। हर व्यक्ति को ऑनलाइन लिंक, कॉल या ईमेल पर सोच-समझकर ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए।” [QUOTE_REQUIRED]
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 और वेबसाइट www.cybercrime.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है।

युवा पीढ़ी में बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम के बाद छात्रों ने कहा कि उन्हें अब यह समझ आया कि छोटी सी लापरवाही कैसे बड़ी ठगी में बदल सकती है।
स्थानीय शिक्षकों ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इस तरह की जागरूकता गतिविधियाँ छात्रों को “डिजिटल जिम्मेदारी” सिखाने का सबसे प्रभावी तरीका हैं।
वंदना कटारिया स्टेडियम के खिलाड़ियों ने भी माना कि ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया में सतर्कता जरूरी है, क्योंकि साइबर ठग अक्सर इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए निशाना बनाते हैं।
बढ़ते केसों के बीच सतर्कता ही बचाव
पिछले कुछ वर्षों में साइबर ठगी के मामलों में लगभग 300% की वृद्धि देखी गई है।
उत्तराखंड पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल हरिद्वार जिले में ही [DATA_REQUIRED: साइबर अपराधों की कुल संख्या] मामले दर्ज किए गए थे।
ऐसे में पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान न केवल छात्रों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
छोटी सावधानी, बड़ी सुरक्षा
डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना ही असली सुरक्षा है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, पासवर्ड नियमित रूप से बदलें, और OTP कभी साझा न करें।
हरिद्वार पुलिस की यह पहल युवाओं को साइबर फ्रॉड के प्रति सजग और तकनीकी रूप से जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
