“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अमोड़ी में वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास करते हुए”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी गांव में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली ‘वे साइड एमिनिटी’ परियोजना का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। यह परियोजना राज्य के पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
उत्तराखण्ड सरकार लंबे समय से पर्यटन और ग्रामीण विकास को साथ लेकर चलने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री धामी की “आदर्श चम्पावत” पहल के तहत यह परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ना है।
ग्राम उत्थान परियोजना (REAP) के तहत इस तरह की योजनाएँ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लागू की जा रही हैं ताकि पर्यटन ढांचे को मजबूत किया जा सके और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले।
15 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमोड़ी में वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। यह कॉम्प्लेक्स उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से बनाया जाएगा।
परियोजना में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ जैसे—
- आरामदायक विश्राम स्थल
- स्वच्छ शौचालय
- जलपान केंद्र और कैफेटेरिया
- स्थानीय हस्तशिल्प एवं वन उत्पाद बिक्री केंद्र
- वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र और सूचना केंद्र
विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह परियोजना न केवल अमोड़ी क्षेत्र की पहचान को नया स्वरूप देगी बल्कि “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न को भी साकार करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा—
“यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास का मॉडल जिला बनाना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता एक साथ आगे बढ़ें।
इस परियोजना से अमोड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जैसे—
- होमस्टे और कैफे संचालन
- हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री
- स्थानीय कृषि उत्पादों का विपणन
साथ ही, क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के ठहरने और विश्राम की समस्या का समाधान होगा, जिससे पर्यटन अनुभव बेहतर बनेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे नीति और ग्राम उत्थान परियोजनाओं के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार REAP योजना से लाभान्वित ग्रामों की संख्या]
इस नई परियोजना से अनुमानित रूप से संभावित लाभार्थी संख्या] लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
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