चमन लाल लॉ डिग्री कॉलेज, लंढौरा में हरिद्वार पुलिस द्वारा आयोजित विधिक और यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्रों को जानकारी देते अधिकारी।
हरिद्वार सड़क सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस ने शनिवार को चमन लाल लॉ डिग्री कॉलेज, लंढौरा (रुड़की) में विधिक एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार के निर्देश पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित हुआ।
जागरूकता से अपराध और हादसे कम करने की कोशिश
हरिद्वार जिले में सड़क दुर्घटनाओं और साइबर अपराधों के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में पुलिस और विधिक संस्थाओं द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देकर उन्हें अपराध और दुर्घटनाओं से बचाना है।

कार्यक्रम का आयोजन और मुख्य बिंदु
यह जागरूकता कार्यक्रम 27 सितंबर 2025 को पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कोतवाली मंगलौर और यातायात पुलिस रुड़की की टीम ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं, अध्यापकगण और स्टाफ को कानूनी और यातायात नियमों की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने वाहन चलाते समय आवश्यक दस्तावेज रखने, निर्धारित स्पीड में वाहन चलाने, ट्रैफिक साइन और सिग्नल का पालन करने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के उपाय भी साझा किए गए।
गुड सेमैरिटन कानून और गोल्डन आवर पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम में गुड सेमैरिटन कानून की जानकारी दी गई, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को कानूनी संरक्षण मिलता है। इसके अलावा गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद का पहला घंटा कितना महत्वपूर्ण होता है, इस पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय पर प्राथमिक उपचार से कई जानें बचाई जा सकती हैं।

अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस अवसर पर सिविल जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव श्रीमती सिमरनजीत कौर, एडिशनल एसपी जीआरपी सुश्री अरुणा भारती, वरिष्ठ अधिवक्ता (हाईकोर्ट) ललित मिगलानी, पुलिस उपाधीक्षक मंगलौर विवेक कुमार, कोतवाली मंगलौर प्रभारी अमरजीत सिंह, यातायात निरीक्षक रुड़की संदीप सिंह नेगी और परिवहन कर अधिकारी रविंद्र सैनी सहित कॉलेज प्रशासन, अध्यापकगण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
स्थानीय प्रभाव: छात्रों में बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम का सीधा असर छात्रों और स्थानीय समुदाय पर पड़ा। कॉलेज प्रशासन और छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए हरिद्वार पुलिस और यातायात पुलिस का आभार व्यक्त किया। इससे न केवल यातायात नियमों का पालन बढ़ेगा, बल्कि साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।

तुलना और आंकड़े
पिछले कुछ वर्षों में हरिद्वार जिले में सड़क दुर्घटनाओं में की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पुलिस विभाग का मानना है कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इन मामलों में कमी लाना संभव है।
हरिद्वार पुलिस का यह कार्यक्रम युवाओं में कानून और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों से न केवल सड़क सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने में भी समाज को मदद मिलेगी। छात्रों को चाहिए कि वे इन जानकारियों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।
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