मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा कार्यालयों का निरीक्षण करते हुए
देहरादून स्थित विधानसभा परिसर में मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य न केवल विधानसभा सचिवालय और मंत्रीगणों के कक्षों की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा भी करना था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनसे यह जानकारी ली कि किस प्रकार से जनता की समस्याओं का समाधान त्वरित और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को सुगम और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में विधानसभा से जुड़े कार्यकलापों को तकनीकी दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर अधिकारी एवं कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करना होगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अभिलेख प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी रिकॉर्ड्स सुरक्षित, व्यवस्थित और डिजिटल माध्यम से आसानी से सुलभ हों। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आमजन और जनप्रतिनिधियों से संबंधित कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता विधानसभा से अपेक्षा करती है कि यहाँ उनकी समस्याओं और मुद्दों का समाधान त्वरित रूप से हो।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शासन को आधुनिक तकनीकी साधनों के साथ जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया की तर्ज पर उत्तराखंड विधानसभा में भी ई-ऑफिस, ई-फाइलिंग और ऑनलाइन अभिलेख प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि हर कार्य प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी के साथ कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया और उन्हें जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। विधानसभा सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी इस निरीक्षण में शामिल रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे अपनी पूरी निष्ठा के साथ जनहित से जुड़े कार्यों में योगदान देंगे।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा सचिवालय की कार्यशैली का भी अध्ययन किया। उन्होंने देखा कि किस प्रकार से फाइलों का प्रबंधन हो रहा है और किस तरह से डिजिटल रिकॉर्डिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटलीकरण को प्राथमिकता दी जाए और फिजिकल फाइलों के साथ-साथ सभी रिकॉर्ड्स का बैकअप भी ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सुशासन को धरातल पर उतारना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। विधानसभा एक ऐसा स्थान है जहां से जनता की आवाज़ सीधे शासन तक पहुँचती है, इसलिए यहाँ कार्यप्रणाली को और अधिक सक्षम और सुचारू बनाना समय की मांग है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई कर्मचारियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है। जब कर्मचारी संतुष्ट और प्रेरित रहेंगे, तभी वे जनता की सेवा में अपना सर्वोत्तम योगदान दे पाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधानसभा भवन की तकनीकी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने आईटी सेल और डिजिटलीकरण से जुड़े विभागों से जानकारी प्राप्त की और उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से न केवल कार्य की गति तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी स्वतः सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा सचिवालय और प्रशासनिक कार्यालयों में सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा राज्य का सर्वोच्च संस्थान है, इसलिए यहाँ की व्यवस्थाएँ आदर्श और अनुकरणीय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के अंत में कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड विधानसभा एक आधुनिक और पूर्णत: डिजिटल विधानसभा के रूप में स्थापित होगी। यह न केवल राज्य की पहचान बनेगी बल्कि सुशासन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी स्थापित करेगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस दिशा में मिलकर काम करें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें।
इस निरीक्षण ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री धामी शासन और प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और जनता-केंद्रित बनाने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध हैं। यह कदम न केवल विधानसभा की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाएगा, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए कार्य करना और आसान करेगा।
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