“जीआरपी उत्तराखंड द्वारा रेलवे स्टेशन पर पुलिस आपके द्वार जागरूकता अभियान”
पुलिस आपके द्वार अभियान जीआरपी उत्तराखंड ने रेलवे यात्रियों को किया जागरूक
उत्तराखंड में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड सुश्री अरुणा भारती के नेतृत्व में जीआरपी उत्तराखंड द्वारा “पुलिस आपके द्वार अभियान” चलाया गया। यह अभियान 05 फरवरी 2026 को जीआरपी उत्तराखंड के विभिन्न थानों एवं चौकियों के अंतर्गत संचालित किया गया, जिसमें रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को जागरूक किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, बालिकाओं और आम यात्रियों को रेल यात्रा के दौरान होने वाले अपराधों से बचाव के प्रति सजग करना और पुलिस व जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना रहा।
रेलवे स्टेशन से स्कूल जाने वाली बालिकाओं पर विशेष ध्यान
“पुलिस आपके द्वार अभियान” के तहत विशेष रूप से उन बालिकाओं को जागरूक किया गया, जो प्रतिदिन रेलवे स्टेशन से होकर स्कूल एवं कॉलेज आती-जाती हैं। जीआरपी कर्मियों ने उन्हें छेड़छाड़, पीछा करने, अभद्र व्यवहार और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति असहज महसूस करता है, तो बिना किसी डर या संकोच के नजदीकी पुलिस कर्मी या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
चैन स्नेचिंग और जहरखुरानी से बचाव के उपाय बताए
रेल यात्रा के दौरान होने वाली आम घटनाओं जैसे चैन स्नेचिंग और जहरखुरानी को लेकर यात्रियों को विशेष रूप से सतर्क किया गया। जीआरपी उत्तराखंड ने यात्रियों को बताया कि—
- अनजान व्यक्ति से खाने-पीने का सामान न लें
- यात्रा के दौरान सामान पर विशेष नजर रखें
- सोते समय बैग और पर्स सुरक्षित स्थान पर रखें
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें
इन सावधानियों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक किया गया।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान “पुलिस आपके द्वार” के अंतर्गत महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। पुलिस कर्मियों ने यात्रियों और महिलाओं को बताया कि—
- 112 – आपातकालीन पुलिस सहायता
- 1090 – महिला हेल्पलाइन
- 109 – महिला एवं बाल सुरक्षा
इन नंबरों का सही उपयोग कैसे करना है, इसकी प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
साइबर अपराध से बचाव पर भी दिया गया संदेश
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए जीआरपी उत्तराखंड ने यात्रियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया ठगी से बचने के उपाय भी बताए।
यात्रियों को सलाह दी गई कि—
- किसी को भी ओटीपी साझा न करें
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें
- संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें
महिलाओं को आत्मरक्षा के दिए गए सुझाव
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के सामान्य उपाय भी बताए गए। पुलिस ने उन्हें सतर्क रहने, आसपास के वातावरण पर ध्यान देने और किसी भी असहज स्थिति में मदद मांगने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी
“पुलिस आपके द्वार अभियान” का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करना भी है। इस अभियान के माध्यम से जीआरपी उत्तराखंड ने यह संदेश दिया कि पुलिस हर समय जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है।
अभियान रहेगा आगे भी जारी
पुलिस अधीक्षक रेलवे उत्तराखंड सुश्री अरुणा भारती के निर्देशन में यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। जीआरपी उत्तराखंड आने वाले समय में और अधिक रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। “पुलिस आपके द्वार अभियान” जीआरपी उत्तराखंड की एक सराहनीय पहल है, जो रेलवे यात्रियों, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश देती है। इस अभियान से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।
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